सितंबर तक कोरोना मामलों में स्थिति हो सकती है भयावह

कोलकाताः कोरोना वायरस के वर्तमान में बढ़ते मामले आने वाले दिनों की भयावहता की ओर संकेत कर रहे हैं। यह कहना है विशेषज्ञों का। यदि कोरोना के मामले यूं ही बढ़ते रहे तो अगस्त व सितंबर में कोरोना और भयावह स्थिति पर पहुंचेगा। एसोसिएशन आफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स एएचएसडी के महासचिव डॉ. मानस गुमटा ने कहा कि हम दो दिन के लॉकडाउन से स्थिति को काफी नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। इसकी वजह है कि मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना के लक्षण वाले मामलों के साथ गैर लक्षण वाले मामले काफी सामने आ रहे हैं। गंभीर मामलों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन मामले बढ़ेंगे। ऐसे में जब तक कोरोना वायरस की मोहल्ला स्तर पर टेस्टिंग नहीं शुरू होती, हम इसके नियंत्रण की बात नहीं कह सकते हैं।
घर-घर लोगों के सर्वे किए जाने की जरूरत
गुमटा ने कहा कि जरूरत है कि घर-घर लोगों के सर्वे किए जाएं, हालांकि इसमें भी कमी नजर आ रही है। इसके अलावा काफी लोग भी मामलों को छिपा रहे हैं। बनाना होगा स्वयं का मॉडल डॉ. गुमटा ने कहा कि हम विदेशों के तर्ज पर मॉडल नहीं बना सकते हैं। कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए हमें अपना ही अलग मॉडल बनाना होगा। इससे ही हम कुछ ठोस उपाय कर पाएंगे।
कोरोना के मामलों पर नियंत्रण के उपाय पर्याप्त नहीं
वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम के सचिव डॉ. कौशिक चाकी कहते हैं कि दरअसल, अब भी कोरोना वायरस के मामलों पर नियंत्रण के उपाय पर्याप्त नहीं हैं। टेस्टिंग बढ़ी है, लेकिन और बढ़ाना होगा, ताकि हम अधिक से अधिक लोगों को चिन्हित कर सकें। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एस. के. अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता ही एक मात्र उपाय है। आप यदि बीमार हों तो घबराएं नहीं बल्कि अपने डॉक्टर से उचित परामर्श लेकर चिकित्सा परिसेवा का लाभ लें।

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