शोभन नहीं लौटेंगे तृणमूल में, वैशाखी ने रो-रो कर सुनायी व्यथा

कोलकाता : पूर्व मेयर शोभन चटर्जी पिछले दिनों मेयर पद से इस्तीफा देने से लेकर पारिवारिक मामलों के कारण खूब चर्चा में है। अब उनके भाजपा में भी शामिल होने की अटकलें तेज है पर बुधवार को उन्होंने यह साफ किया कि कम से कम वे तृणमूल में वापस नहीं लौटेंगे। किस पार्टी में जाएंगे, यह आने वाला समय तय करेगा। बुधवार को उनकी दोस्त वैशाखी ने पत्रकारों को अपने घर बुलाया, जहां शोभन भी मौजूद थे। वैशाखी ने रो-रो कर व्यथा सुनायी तथा अपने कालेज के टीचर इन चार्ज पद से इस्तीफे की घोषणा की। शोभन की मौजूदगी में वैशाखी ने तृणमूल के नेताओं खास कर पार्थ चटर्जी को खरी खोटी सुनायी तथा ममता बनर्जी को भी लपेटे में लिया। इधर, शोभन ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले 8 – 9 महीने से कुछ नहीं बोला हूं। समय पर जवाब दूंगा। उन्होंने कहा कि अपने व वैशाखी के बारे में कई तरह की बातें सुनता आया हूं। जैसे वैशाखी ने मेरे खराब समय में मेरा साथ दिया उसी तरह से मैं भी अच्छे दोस्त की तरह उसके हर फैसले में साथ हूं। शोभन चटर्जी ने कहा कि वैशाखी का टीचर इन चार्ज पद से इस्तीफे का फैसला उसके खुद का है। एक दोस्त के तौर पर मैं उसके साथ हूं। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई छोटी घटना नहीं है। इसके पीछे गंभीर राजनीति है। सरकार तथा शिक्षा विभाग इस पूरे मामले की जांच करे। उन्होंने कहा कि अगर किसी को हमला करना है तो मुझ पर करे, वैशाखी को नहीं घसीटा जाए। वैशाखी की पहचान खुद की है, शोभन के दोस्त के तौर पर नहीं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

टोक्‍यों ओलंपिक में खिलाड़ियों का पूरा समर्थन करेगा देश : कोविंद

नयी दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि 24 जुलाई से नौ अगस्त तक आयोजित 2020 टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व आगे पढ़ें »

बुकर पुरस्कार विजेता जोखा अल हार्सी पहुंचीं जयपुर साहित्य महोत्सव में, लेखन चुनौतियों का जिक्र किया

जयपुरः ओमान की लेखिका एवं बुकर पुरस्कार विजेता जोखा अल हार्सी के लिए लेखन का सबसे दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण पहलू समाज में मौजूद अनसुनी और आगे पढ़ें »

ऊपर