शिक्षक अब घर से नहीं, स्कूलों से लेंगे ऑनलाइन क्लास

कोलकाता : आनलाइन क्लासेस पर काफी बहस हो चुकी है। अब ऑनलाइन क्लासेस छात्रों के जीवन का हिस्सा बनते जा रहे हैं। अब तो क्लास वन के बच्चे भी ऑनलाइन क्लास लेने लगे हैं। अब तक स्कूलों की व्यवस्था थी कि शिक्षक अपने-अपने घरों से ही क्लास ले सकते हैं लेकिन इसमें बदलाव आ रहा है। कुछ स्कूलों ने साइंस क्लासेस के लिए शिक्षकों का स्कूल आना अनिवार्य किया है तो कुछ स्कूल सभी शिक्षकों का स्कूल आना अनिवार्य करने जा रहे हैं।
स्कूल से अ​धिक पेशेवर तरीके से बच्चों काे पढ़ा सकते हैं शिक्षक
कई स्कूलों से सन्मार्ग की बता हुई। इनमें अधिकांश का कहना था कि इस माह के अंत तक सभी शिक्षकों का स्कूल आना अनिवार्य कर दिया जायेगा। इनका तर्क था कि स्कूल से आनलाइन क्लासेस कराने में सुविधा होगी, दूसरा यह कि जब सभी जगह लोग आने लगे हैं तो फिर स्कूलों में टीचरों के आने में भी कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इनके तर्क में दम भी है। पहला यह कि यह कोरोना काल इतना जल्द खत्म होने वाला नहीं है। दूसरा यह कि घर के बदले स्कूल से शिक्षक अ​धिक पेशेवर तरीके से बच्चों काे पढ़ा सकते हैं।
महानगर के कई स्कूल सोमवार से खुले
इस बीच महानगर के कई स्कूल सोमवार से खुल गये हैं। इसके साथ ही स्कूल द्वारा शिक्षकों को भी स्कूल में आने के लिए कहा गया है। स्कूलों को उम्मीद है कि इससे ऑनलाइन कक्षाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, क्योंकि उनमें से अधिकांश में वाई-फाई कनेक्टिविटी है। जबकि कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास के लिए शिक्षकों के घरों में भी उपकरणों लगाने का फैसला लिया है। छात्र फिलहाल स्कूल नहीं आ सकते हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए इन उपायों को लागू किया जा रहा है।
29 जून से राइमरी और सेकेंडरी शिक्षकों का आना अनिवार्य
साउथ सिटी इंटरनेशनल स्कूल की ओर बताया गया कि सोमवार से प्राइमरी और 29 जून से सेकेंडरी शिक्षकों का आना अनिवार्य है। कैंपस से ही ऑनलाइन क्लास छात्रों को दी जायेगी। कई स्कूल सिर्फ लैब शिक्षकों को ही लैब क्लासेस के लिए बुला रहे हैं। यह पहल विज्ञान के छात्रों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है ताकि छात्रों को लैब संबंधित जानकारी आसानी से मिल सके। देखा जा रहा था कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ के तहत शिक्षक घर से ही ऑनलाइन क्लास देते थे पर ऐसे में विज्ञान से जुड़े छात्रों को लैब संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही थी। कहीं वह पीछे ना रह जाएं, इस विषय को ध्यान में रखते हुए महानगर के कुछ स्कूल लैब शिक्षकाें को स्कूल में बुलाकर लैब की ऑनलाइन क्लास छात्रों को देख रहे हैं। इन्हीं में एक है डीपीएस, हावड़ा।
घर से लैब की सुविधा नहीं दी जा सकती
डीपीएस, हावड़ा की प्रिंसिपल सुनीता अरोड़ा ने कहा कि विज्ञान से जुड़े छात्रों के बारे में सोचते हुए यह कदम उठाया गया है। क्योंकि घर से लैब की सुविधा नहीं दी जा सकती है। ऐसे में हम खुद शिक्षकों को घर से स्कूल बुला रहे हैं और क्लास के बाद उन्हें घर छोड़ दिया जाता है। सप्ताह में एक बार वह खुद भी स्कूल आती हैं।
कई अब भी कर रहे वर्क फ्रॉम होम
वहीं डीपीएस, रूबी पार्क की ओर से बताया गया कि उनके स्कूल में अभी भी ऑनलाइन क्लास ही चल रहे हैं। वह प्रोजेक्ट बेस पर काम कर रहे हैं। एसेस्मेंट में ज्यादा ध्यान देते हैं। बच्चों पर ध्यान देते हैं, अगर कोई बच्चा ऑनलाइन क्लास में नहीं उपस्थित है तो उसके अभिभावक को फोन कर इसकी जानकारी ली जाती है कि बच्चे ने क्लास क्यों नहीं की। ला मार्टिनियर फॉर ब्वायज के सेक्रेटरी सुप्रियो धर ने कहा कि उनके स्कूल में फिलहाल वर्क फ्रॉम होम ही चल रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो उसके अनुसार काम किया जायेगा।

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