जोरदार आवाज के बाद ढह गया था इमारत के बरामदा का हिस्सा

महिला की मौत से इलाके में रोष हावड़ा
निगम ने घोषित किया था खतरनाक इमारत : गत मंगलवार की रात आयी तेज बारिश हावड़ा की रहनेवाली सरिता दुबे के लिए काल बनकर आयी। 45 वर्षीय सरिता मौत के आगोश में तब समा गयी जब वह बाथरूम के लिए जा रही थी, तभी 2/4 फुट के एक बरामदा का हिस्सा जोरदार आवाज के साथ उस पर आ गिरा। उसमें दबकर सरिता की मौत हो गयी। घटना वार्ड नंबर 41 के बी. गार्डन थानांतर्गत दक्षिण बाकसाड़ा के 75/3, फर्स्ट बाई लेन स्थित लालकोठी की है। उक्त घटना के बारे में पड़ोसी ​रतन शिवपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार की तेज बारिश के बाद सरिता बाजार से लौटी थी। रतन व इमारत के लगभग सभी लोग अपने घर में थे। बारिश बंद होने के बाद एक जोरदार आवाज हुई। इसे सुनकर सारे लोग बाहर निकले तो देखा कि सरिता बाथरूम के समक्ष बरामदा के गिरे टुकड़ों के नीचे दबी हुई थी। बताया जाता है कि वह बाथरूम करने गयी थी। सभी लोगों ने मिलकर सरिता को वहां से निकाला और दो किलोमीटर की दूरी पर मौजूद दक्षिण बाकसाड़ा स्टेट जनरल अस्पतालमें भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। उसे कोलकाता ले जाया गया। वहां उसकी मौत हो गयी। रतन के अनुसार उसका पति ट्रक ड्राइवर है और हमेशा काम से बाहर रहता है। वह भी उसकी मौत की खबर के बाद पहुंचा।
बेटियों का रो-रो कर बुरा हाल
उक्त घटना के बाद से सरिता की बेटियों का रो-रो कर बुरा हाल है। उसके पति कपिल दुबे को तो मानों कुछ समझ ही नहीं आया कि आ​खिरकार क्या हुआ। कोई भी बोलने की हालत में नहीं था। परिवार के सदस्यों के आंखों से निकलते आंसु ही उनके दर्द को बयां कर रहे थे।
पहले भी घटी थी घटना
इस भयावह घटना के पहले भी उक्त इमारत के लोगों को चेतावनी मिलती रही लेकिन उन्होंने इससे सबक नहीं लिया। पड़ोस में रहनेवाली सावित्री जायसवाल ने कहा कि इमारत पहले से ही जर्जर है। वे लोग यहां पचासों साल से रह रहे हैं। इमारत को हावड़ा नगर निगम की अोर से पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद वहां 7 से 8 परिवार रहते हैं। महिलाओं के अनुसार बरामदा का छज्जा पहले ही लटक रहा था। इसके पहले भी कई लोग इस तरह की घटना में घायल हो चुके हैं, लेकिन किसी ने भी इसे लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
धीमी गति से हो रहा है नयी इमारत के निर्माण का काम सरिता की मौत के बाद इलाके के लोगाें में रोष है। सभी का गुस्सा प्रमोटर व इमारत के मालिक पर है। इमारत में रहनेवाले लोगों का कहना है कि पुरानी इमारत को तोड़कर नई इमारत बनाने का कार्य शुरू किया गया था लेकिन यह काम 5 साल पहले से हो रहा है। लोगों का कहना है कि प्रमोटर इलाके के तृणमूल नेता के साथ मिलकर प्रमोटिंग कर रहा है जो कि बहुत ही धीमी गति से हो रहा है। उसी दौरान प्रमोटर की ओर से आश्वासन दिया गया था कि वे जल्द ही उन्हें शिफ्टिंग कर देंगे। इस लालच में इमारत में 7 से 8 परिवार रह रहे हैं। इस घटना के बाद न ही प्रमोटर का अता-पता है आैर न ही इमारत के मालिक का।

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