विशाखापट्टनम के रसायनिक संयंत्र से गैस रिसाव, अब तक ग्यारह की हुई मौत, 200 से ज्यादा लोगों का चल रहा है इलाज

विशाखापत्तनम : आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक संयंत्र से हुए गैस रिसाव में मरने वालों की संख्या अब तक  ग्यारह हो गई है। केंद्र ने कहा कि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक रसायन संयंत्र में गैस रिसाव होने से 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1000 अन्य प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक एस एन प्रधान ने कहा कि संयंत्र से रिसाव अब बहुत कम हो गया है लेकिन एनडीआरएफ कर्मी इसे पूरी तरह से बंद करने तक मौके पर मौजूद रहेंगे । प्रधान ने कहा कि संयंत्र के तीन किमी के दायरे से 200 से 250 परिवारों के लगभग 500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है । रिसाव गोपालपट्टनम के पास नादुथोटा इलाके के पास आरआर वेंकटपुरम में एलजी पॉलिमर इंडस्ट्री में सुबह 3 बजे के आस-पास हुआ ।

आंध्र प्रदेश सरकार ने घटना की जांच के दिए आदेश 

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डी गौतम सवांग ने बताया कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हालात का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की थी और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। विशाखापत्तनम के पास गोपालपत्तनम के तहत आने वाले वेंकेटपुरम गांव में स्थित एलजी पॉलिमर्स लिमिटेड के संयंत्र से स्टाइरीन गैस के रिसाव के कारण दस लोगों की मौत हो गई। उन्होंने यहां मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद कहा कि विशाखापत्तनम के किंग जॉर्ज अस्पताल में कम से कम 246 लोगों का इलाज चल रहा है और उनमें से 20 वेंटिलेटर पर हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गैस रिसाव ने संयंत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी घटना पर करीब से निगाह रख रहे हैं। रेड्डी ने जिंदगियां बचाने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए जिले के अधिकारियों से कहा है। उनके कार्यालय ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री विशाखात्तनम में किंग जॉर्ज अस्पताल जाएंगे जहां बीमारों का इलाज चल रहा है। स्थानीय प्रशासन और शहरी विकास मंत्री बी सत्यनारायण ने बताया कि एक आठ साल के बच्चे समेत कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोगों को अलग अलग सरकारी और निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दक्षिण कोरिया की कंपनी एलजी पॉलिमर्स पॉलीस्टीरीन और कई कामों में आने वाला प्लास्टिक बनाती है जिसका इस्तेमाल अलग अलग तरह के उत्पाद बनाने में होता है जैसे खिलौने। यह 1961 से संचालित है।

गैस रिसाव: राष्ट्रपति ने लोगों की मौत पर शोक प्रकट किया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बृहस्पतिवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक रासायनिक संयंत्र में गैस रिसाव से लोगों की मौत पर शोक प्रकट किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की। राष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में कहा, ‘ विशाखापत्तनम में एक रासायनिक संयंत्र में गैस रिसाव की घटना के समाचार से दुखी हूं जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं इस घटना में घायल लोगों के स्वस्थ्य होने और सभी की सुरक्षा की कामना करता हूं। ’ कोविंद ने कहा, ‘ मुझे विश्वास है कि प्रशासन स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रण में लाने के लिये हर संभव प्रयास करेगा।’’ गौरतलब है कि विशाखापत्तनम में एक संयंत्र से गैस रिसाव के कारण कम से कम छह लोगों की मौत हो गई जबकि तकरीबन 100 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

मोदी ने हालात का लिया जायजा, गृह मंत्री ने व्यक्त की चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात का जायजा लिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने गृह मंत्रालय और एनडीएमए के अधिकारियों से स्थिति के संबंध में बात की है जो हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सभी की सुरक्षा और विशाखापत्तनम के लोगों की कुशलक्षेम की प्रार्थना करता हूं। ’’ यहां पास में गोपालपत्तनम के तहत आने वाले वेंकेटपुरम गांव में स्थित एलजी पॉलिमर्स लिमिटेड के संयंत्र से स्टाइरीन वाष्प का रिसाव हुआ है। मृतकों में आठ साल का एक बच्चा भी शामिल है जबकि प्रभावित लोगों को निकालने के लिए गए कई पुलिसकर्मी भी इससे प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, प्रभावित गांव से भागने के दौरान दो लोग एक बोरवेल में गिर पड़े जिससे उनकी मौत हो गई। उनके शवों को बाद में निकाल लिया गया। प्रभावित लोग ऑटो और दो पहिया गाड़ियों पर चिकित्सकीय सहायता के लिए दौड़े जबकि सरकारी कर्मियों ने जो भी संभव हुआ, वो प्राथमिक उपचार उन्हें देने की कोशिश की। लोग सड़क किनारे और नालों के पास बेहोश पड़े हुए थे, जो स्थिति की गंभीरता को बयान करता है। वही सरकार का कहना है कि रिसाव को नियंत्रित करना पहली प्राथमिकता है। सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार तड़के वाष्प का रिसाव तब हुआ जब संयंत्र के कुछ श्रमिक इकाई को फिर से खोलने की तैयारी कर रहे थे। राज्य के औद्योगिक मंत्री मेकपति गौतम रेड्डी ने बताया कि एलजी पॉलिमर्स इकाई को लॉकडाउन के बाद बृहस्पतिवार को खुलना था। उन्होंने कहा, ” हम (दक्षिण कोरियाई) कंपनी के शीर्ष प्रबंधन से संपर्क करने कोशिश कर रहे हैं। हमारी पहली प्राथमिकता रिसाव को रोकना और प्रभावित लोगों का उचित इलाज सुनिश्चित करना है। ‘ वाष्व रिसाव का नतीजा सैड़कों ग्रामीणों, जिनमें अधिकतर बच्चे हैं, को भुगतना पड़ा। उन्हें आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, जी मिचलाना और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने जैसी परेशानियां हुईं। 100 से ज्यादा लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। विशाखापत्तनम जिले के संयुक्त कलेक्टर वेणुगोपाल रेड्डी ने कहा कि आर आर वेंकेटपुरम गांव के सभी लोगों को वहां से निकाल के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। बचाव अभियान के लिए गए कई पुलिस कर्मियों को भी सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन जैसे लक्षण हुए और वे बेहोश हो गए। सूत्रों ने बताया कि संयंत्र के 20 कर्मी सुरक्षा प्रोटोकॉल से अच्छी तरह वाकिफ थे और उन्होंने उचित कदम उठाए थे जिस वजह से वे प्रभावित नहीं हुए। स्टाइरीन वाष्प आसपास के गांवों में फैल गया और सोते हुए लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। एनडीआरफ की टीमे मौके पर पहुंच गई हैं और रिपोर्टें कहती हैं कि सुबह में गैस रिसाव के स्रोत को रोक दिया गया था। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गैस रिसाव की घटना को परेशान करने वाला बताया है। उन्होंने कहा, ‘ विशाखापत्तनम की घटना परेशान करने वाली है। हम निरंतर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।’ मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी घटना पर करीब से निगाह रख रहे हैं। रेड्डी ने जिंदगियां बचाने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए जिले के अधिकारियों से कहा है। उनके कार्यालय ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री विशाखात्तनम में किंग जॉर्ज अस्पताल जाएंगे जहां प्रभावित लोगों का इलाज चल रहा है।

तेदेपा ने गैस रिसाव मामले की जांच की मांग की

तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापत्तनम में हुए गैस रिसाव मामले की जांच कराए जाने की मांग की और केंद्र से वह रासायनिक संयंत्र तत्काल बंद करने की अपील की, जहां से स्टाइरीन वेपर का रिसाव हुआ था। नायडू ने केंद्र से यह भी अपील की कि वह जिले में चिकित्सा विशेषज्ञों का दल तत्काल भेजे क्योंकि जिले में इससे प्रभावित हुए लोगों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञता वाले लोग संभवत: नहीं होंगे। नायडू ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को लिखे एक पत्र में केंद्र ने कहा कि इस जहरीली गैस के रिसाव से प्रभावित हुए पशुओं के उपचार के लिए पशु रोग विशेषज्ञ तैनात किए जाएं। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, कोविड-19 व्यक्ति के फेफड़ों को प्रभावित करता है और उसकी रोग प्रतिरोधी क्षमता को कम करता है इसलिए, यह आवश्यक है कि स्टाइरीन गैस रिसाव और कोविड-19 संक्रमण दोनों को ध्यान में रखकर चिकित्सकीय मदद भेजी जाए।’’ नायडू ने कहा, ‘‘एलजी पॉलिमर्स यूनिट तत्काल बंद करना और मामले की पूरी जांच कराना भी आवश्यक है।’’ उन्होंने सुझाव दिया कि इस पूरी इकाई को विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए, जहां आस-पास रिहाइशी इलाका नहीं है। उन्होंने इस त्रासदी पर खेद जताते हुए कहा कि कुछ लोगों की मौत हो गई है और करीब 2,000 लोग रिसाव के कारण बीमार हुए हैं। नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार को स्टाइरीन वेपर से प्रभावित क्षेत्र का विश्लेषण करने के लिए आवश्यक उपकरण भेजने चाहिए। विशाखापत्तनम में एक पॉलिमर संयंत्र से गैस रिसाव के बाद एक बच्चे समेत कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है और 100 ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी स्थानीय प्रशासन मामलों के मंत्री ने दी है। अधिकारियों के मुताबिक, गैस रिसाव ने संयंत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों को प्रभावित किया है।

 राहुल ने कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से  मदद की अपील की 
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गैस रिसाव की घटना पर दुख जताते हुए गुरुवार को पार्टी के स्थानीय नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का आह्ववान किया कि वे प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें। उन्होंने ट्वीट किया, ‘ मैं विजाग (आंध्र प्रदेश) में गैस लीक के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं। मैं इलाके के कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें।’ गांधी ने कहा, ‘पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। मैं अस्पताल में भर्ती लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’ आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बृहस्पतिवार तड़के एक रासायनिक संयंत्र से गैस का रिसाव हो जाने के कारण छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

हेमंत ने विशाखापट्टनम गैस हादसे पर शोक जताया
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विशाखापट्टनम गैस लीक हादसे पर दु:ख व्यक्त किया है। श्री सोरेन ने आज यहां कहा कि विशाखापट्टनम के गोपालपट्टनम इलाके में गैस लीक की घटना अत्यंत पीड़ा देने वाली है। हादसे में कुछ लोगों के हताहत होने की भी जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि विपदा की इस घड़ी में घायलों के अतिशीघ, स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। उल्लेखनीय है कि विशाखापत्तनम में आज तड़के एक रसायन संयंत्र में जहरीली गैस के रिसाव के कारण आठ साल के बच्चे सहित कम से कम पांच लोगों की दम घुटने से मौत हो गई और 100 से अधिक लोगों यहां विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

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