लंबे समय तक याद रहेगा यह तमाशा – राज्यपाल

dhankhad

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कलकत्ता विश्वविद्यालय के मंगलवार के दीक्षांत समारोह में भाग लेने में विफल रहने से नाराज राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि जिन लोगों ने यह अशोभनीय तमाशा शुरू किया है या जो इसके पीछे हैं, उन्हें राज्य के सुसंस्कृत लोग हमेशा याद रखेंगे। लोगों को लंबे समय तक यह अशोभनीय तमाशा याद रहेगा। राज्यपाल ने ट्वीट किया, ‘दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिये बगैर कलकत्ता विश्वविद्यालय से बाहर निकलते हुए यह बात सबसे पहले दिमाग में आयी कि यह सुनिश्चित हो कि नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत विनायक बनर्जी के प्रति हम जिस सम्मान की बात कर रहे हैं, उससे कोई समझौता नहीं होना चाहिए, जिन्हें हम डी लिट की मानद उपाधि प्रदान कर रहे हैं।’ राज्यपाल ने कहा, ‘नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत विनायक बनर्जी और उनकी मां के साथ कुछ यादगार पल बिताए।’ धनखड़ ने कहा, ‘कलकत्ता विश्वविद्यालय में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत विनायक बनर्जी के साथ मानद डी लिट (माननीय कारण) पर हस्ताक्षर के दौरान के क्षण।’ उन्होंने कहा,‘ कुलपति ने कुलाधिपति होने के नाते मुझसे दीक्षांत समारोह का आयोजन जारी रखने की अनुमति मांगी। अभिजीत बनर्जी के प्रति मेरे सम्मान और कलकत्ता विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए मैंने अनुमति दे दी।’

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