रोज जहां आते थे 72000 यात्री, आज वह है वीरान

दमदम एयरपोर्ट : जहां 15000 हजार कर्मी करते थे काम, अब हैं 2000 से भी कम
नेहा सिंह,कोलकाता : कोलकाता एयरपोर्ट फिलहाल सुना है। यहां कभी इतनी भीड़ हुआ करती थी कि संभालना मुश्किल हो जाता था। कभी एयरपोर्ट के गेटों पर ट्रॉली के साथ लंबी कतारों में खड़े यात्री तो कभी सुरक्षा जांच के लिए लगने वाली लंबी कतारें और अब एयरपोर्ट बिल्कुल सुनसान है। कभी-कभार एका-दुक्का विदेशी एयरलाइंस उड़ान संचालित कर देती हैं वर्ना चौबिसों घंटे एयरपोर्ट विरान सा रहता है। इस बारे में एयरपोर्ट डायरेक्टर कौशिक भट्टाचार्य ने बताया कि एयरपोर्ट पर कुल 72000 की संख्या में यात्री प्रतिदिन आवागमन करते थे। इनमें कोलकाता से जाने वाले घरेलू व अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कुल संख्या 32000 के करीब थी। जहां घरेलू यात्रियों की संख्या प्रतिदिन के हिसाब से 32,000 तथा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या लगभग 4000 की थी। लॉकडाउन से पहले यहां 15000 से अधिक कर्मी कार्य करते थे जिनकी संख्या अब घटकर 2000 से भी कम हैं। 15000 की संख्या में काम कर रहे इन कर्मियों में एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के कर्मी, एयरलाइंस कर्मी, विभिन्न से एजेंसियों के ग्राउंड स्टाफ, कस्टम्स, सीआईएसएफ तथा इमिग्रेशन कर्मी थे। अब भी एयरपोर्ट पर कर्मी आते हैं लेकिन बहुत कम।
क्या कहना है पायलट, एयरहोस्टेस व कर्मियों का
इस बारे में एयरलाइंस ऑपरेटर्स कमेटी के पूर्व चेयरमैन व एक बेहतरीन पायलट सर्वेश गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन में सबसे बुरा हाल एविऐशन क्षेत्र का हुआ है। इस लॉकडाउन में सबसे अधिक तीन इंडस्ट्री प्रभावित हुई है। इनमें एविएशन के अलावा ट्रैवेल एंड टुरिज्म तथा इससे जुड़ी ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री है। इन इंडस्ट्रियों की खा​सियत ही यह है कि ये यात्रियों या ग्राहकों की सेवाओं के बदले होने वाले इनकम से अपने कर्मियों को सैलेरी देते हैं। वहीं एयरहोस्टेस ऐश्वर्या ने बताया कि वर्किंग लोगों की सबसे बड़ी परेशानी उनका खाली होना है। कई एयरलाइंसों ने तो अपने कर्मियों की सैलरी पिछले महीने आधी दी थी। उक्त एयरलाइंस में काम करने वालों का कहना है कि इस महीने पता नहीं वे देंगे भी या नहीं। वहीं ग्राउंड स्टॉफ निखिल के मुताबिक अचानक हुए कोरोना के प्रकोप ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया है। अब एविएशन जगत कब तक सामान्य हो पाएगा, इसका भी कुछ पता नहीं। हमें काफी अजीब लग रहा है क्योंकि इतनी ज्यादा छुट्टियां हमें एक साथ कभी नहीं मिली। अब यह डर सता रहा है कि जब उड़ान परिसेवाएं शुरू होंगी तो कई लोगों की पर्मानेंट छुट्टियां भी हो सकती है। फिलहाल कुछ एयरलाइंस नो वर्क नो पे के फार्मूले पर चल रही है।
एवियेशन योद्धाओं ने जारी रखी है विशेष सेवाएं
एक ओर जहां यात्री उड़ान परिसेवा बंद है, वहीं एयरपोर्ट पर एविएशन योद्धा अपनी जंग कोरोना के खिलाफ जारी रखे हुए हैं। इनमें एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, सुरक्षा कर्मी व कार्गो परिसेवाओं से जुड़े कर्मी शामिल हैं। कोलकाता के आसमान से करीब 300 से अधिक उड़ानें प्रतिदिन गुजरती है। इसलिए एटीसी अधिकारी 24X7 ऑन ड्यूटी हैं। वहीं एअरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के कर्मी रोटेशन बेसिस पर तो सुरक्षा कर्मी पूरी निष्ठा से अपना दायित्व निभा रहे हैं। कोलकाता से उड़ानों के परिचालन बंद होने के कारण एटीसी अधिकारियों की संख्या कम कर दी गयी है ले​किन अभी एयरपोर्ट पर ऑपरेशन से जुड़े कर्मी कार्यरत है। वहीं कार्गो उड़ानों से मेडिकल सामानों को ले आना व ले जाना
जारी है।

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