राज्य में दो दिन के लॉकडाउन से जूट उद्योग पर होगा असर

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के तेजी से बढ़ते मामलों के कारण लगाए गए लॉकडाउन से जूट उद्योग के प्रभावित होने की आशंका है। राज्य प्रशासन ने कोविड-19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के देखते हुए पूरे राज्य में सप्ताह में दो दिन- गुरुवार और शनिवार को लॉकडाउन लागू करने का फैसला किया है। इस बार यह लॉकडाउन 23 जुलाई और 25 जुलाई को होगा। वहीं राज्य में मंगलवार तक संक्रमण के कुल 47,030 मामले सामने आ चुके थे और इस बीमारी से 1,182 लोगों की मौत हो गई है।
लॉकडाउन में मिल के अंदर फंसे मजदूर को काम करने की इजाजत
राज्य सरकार की अधिसूचना के मुताबिक इस दौरान जूट मिल का मुख्य द्वार बंद रहेगा और किसी भी मजदूर को अंदर आने या जाने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि, राज्य प्रशासन ने कहा है कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान यदि मजदूर अंदर ही रहते हैं, तो उन्हें काम करने की इजाजत दी जाएगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन के दिनों में जूट मिलें बंद रहेंगी, लेकिन यदि कारखाने के कर्मचारी परिसर के अंदर हैं, तो काम करने की अनुमति दी जाएगी।
हमें अतिरिक्त लागत वहन करनी होगी : जूट मिल मालिक
वहीं जूट मिल मालिकों का कहना है कि इसके लिए उन्हें अतिरिक्त लागत वहन करनी होगी, क्योंकि मजदूरों के रहने और खाने का इंतजाम उन्हें ही करना होगा। उद्योग सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा यदि मजदूर पूरे समय परिसर के अंदर ही साथ में रहते हैं, तो कोविड-19 संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। गौरतलब है कि जूट मिलों को 24 मार्च को बंद करने के बाद एक जून से दोबारा पूरी तरह कामकाज की अनुमति दी गई थी।

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