राज्य की संस्कृति, इतिहास को धूमिल करने वाली ताकतों से बचना होगा : पार्थ

कोलकाता : बंगाल अपनी संस्कृति और कला के लिए जाना जाता है। राज्य का अपना अलग इतिहास है जिसे धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। ऐसी ताकतों से बचने की जरूरत है ताकि बंगाल का गौरव बना रहे। उक्त बातें राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की 200वीं जन्म जयंती के मौके पर उन्हें याद करते हुए कही। इस मौके पर पार्थ चटर्जी ने पिछले वर्ष विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़े जाने का मुद्दा भी उठाया और उस पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों ने यहां की धरोहर को धूमिल किया है। यह बंगाल की संस्कृति नहीं है। भाजपा का नाम लिए बगैर पार्थ ने कहा कि धर्म के नाम पर ओछी राजनीति करने वाली पार्टी ने जिस तरह विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ा वह बंगाल के इतिहास में हमेशा बुरी याद की तरह जाना जाएगा। सिर्फ विद्यासागर ही नहीं बल्कि इतिहास के किताब से रवींद्रनाथ टैगोर, काजी नजरूल इस्लाम, बंकिमचंद्र चटर्जी, मधुसूदन दत्त के नाम को हटाने की भी कोशिश की गयी मगर ऐसा हो नहीं पाया। यहां तक कि नई शिक्षा नीति में भी क्लासिकल भाषा की तालिका में बांग्ला भाषा को बाहर रखा गया है। पार्थ ने राज्य सरकार द्वारा किये गये कार्यों का भी बखान किया।

शेयर करें

मुख्य समाचार

हैदराबाद ने राजस्थान को 8 विकेट से हराया, मनीष-शंकर की आकर्षक बल्‍लेबाजी, टॉप-5 में पहुंची हैदराबाद

दुबई : मनीष पांडे की आकर्षक पारी और विजय शंकर के साथ उनकी अटूट शतकीय साझेदारी से सनराइजर्स हैदराबाद ने गुरुवार को यहां राजस्थान रॉयल्स आगे पढ़ें »

भारतीय महिला दल टी20 चैलेंज के लिये संयुक्त अरब अमीरात पहुंचा

दुबई : भारत की 30 शीर्ष महिला क्रिकेटर टी20 चैलेंज में भाग लेने के लिये गुरूवार को यहां पहुंची जो ‘मिनी महिला आईपीएल’ के नाम आगे पढ़ें »

ऊपर