मेट्रो दौड़ी लेकिन दूरी बनायी यात्रियों ने

 

कोलकाता : करीब साढ़े 6 महीने के इंतजार के बाद सोमवार को नोआपाड़ा से लेकर कवि सुभाष एवं साल्टलेक सिटी सेंटर से लेकर साल्टलेक स्टेडियम के बीच मेट्रो का परिचालन शुरू हो गया पर उम्मीद से कम यात्री पहुंचे। कोविड संक्रमण को रोकने के लिए किए गए मेट्रो के इंतजामों से यात्री खुश नजर आए।  कुछ लोगाें ने कहा ​िक हमें मेट्रो का समय व सिस्टम पसंद नहीं आया। हालांकि मेट्रो का कहना है कि आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। मेट्रो का परिचालन सुबह 8 से रात 8 बजे तक हुआ। पहली पाली में सुबह 8 से 12 के बीच 2500 लोगों ने सफर किया था।  दोपहर 2 बजे तक यह संख्या 9400 तक और शाम 4 बजे  यह संख्या 13500 तक पहुंच गयी।  शाम 7 बजे तक 20000 लोगों ने मेट्रो की सवारी की।  वहीं दूसरी ओर ईस्ट वेस्ट मेट्रो में लोग न के ही बराबर थे।  यहां रात 8 बजे तक सिर्फ 83 लोगों ने सफर किया। मेट्रो को उम्मीद थी कि भीड़ जबरदस्त होगी, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। कोलकाता मेट्रो के जीएम मनोज जोशी ने बताया कि पहला दिन अच्छा रहा है।  उम्मीद है आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ेगी।

आम यात्रियों के लिए खुली मेट्रो, ​पर समय व सिस्टम ने लोगों को रोका

कोलकाता मेट्रो में की शुरूआत में तो यात्रियों की संख्या न के बराबर थी लेकिन धीरे धीरे यह आंकड़ा 20 हजार तक चला गया हालांकि यह आंकड़ा उम्मीद से बिल्कुल आधा था लेकिन मेट्रो के अनुसार आगामी 2 से 3 दिनों में आकंड़ा डबल हो जायेगा। चूंकि मेट्रो में ई-पास के सिस्टम के कारण अधिकतर लोगों को मेट्रो में कदम रखने से रोक दिया। क्योंकि लोग इसके सिस्टम को समझ नहीं पाये। कुछ लोगों के अनुसार वे सीधे तौर पर टोकन या फिर स्मार्ट कार्ड से ही एंट्री करते थे। लेकिन ई-पास वाला सिस्टम नहीं समझ आ रहा था। कइयों का कहना है कि मेट्रो ऐप में ​क्लिक करने की कोशिश रहे थे लेकिन क्लिक नहीं हो पाया। इसके कारण उनकी बुकिंग नहीं हो पायी। इधर मेट्रो के जीएम ने कहा कि सिस्टम को समझने में दो दिन लगेगे लेकिन अब मेट्रो के ऐप में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है लोग आसानी से इसे अपनी यात्रा के समय बुक कर सकते हैं।
कुछ घंटों में ही बुक होने लगा ई-पास
मेट्रो रेलवे की ओर से ई-पास की बुकिंग के लिए 6 से 12 घंटे पहले तक का समय दिया गया है। अर्थात किसी को भी अगर 8 बजे सुबह सफर करना है तो यात्री रात 8 बजे से बुकिंग कर सकता है। लेकिन मेट्रो के पहले दिन के सफर में ही कुछ घंटों में ही ई-पास की बुकिंग हो गयी। इस बारे में प्रीति सिंह नामक एक ऑफिस में कार्यरत महिला ने बताया कि उसे 4 बजे ऑफिस के काम से अचानक निकलना था। इसलिए उसने दोपहर के 2 बजे ई-पास की बुकिंग की और उसका ई-पास बुक हो गया।
स्टेशनों पर त्रिस्तरीय जांच
स्टेशनों पर तीन स्तरीय जांच के बाद ही यात्री प्लेटफार्म पर पहुंच रहे। पहला स्टेशन के गेट पर ई-पास की चेकिंग कर स्टेशन में एंट्री, उसके बाद दूसरे स्तर पर सैनिटाइज व थर्मल स्क्रीनिंग तीसरे चरण में स्मार्ट कार्ड से एंट्री। मेट्रो में चढ़ने उतरने के दौरान सामाजिक दूरी खत्म ना हो इसके लिए मेट्रो को 20 सेंकेंड से लेकर 30 सेकेंड तक रोका जा रहा था। स्टेशनों पर सिर्फ स्मार्ट कार्ड से यात्री की मंजूरी थी। सभी 30 स्टेशनों पर आरपीएफ व पुलिस की मुस्तैदी रही। इस बारे में मेट्रो रेलवे के आरपीएफ डीआईजी अमरेश कुमार ने बताया कि आरपीएफ के जवान दो शिफ्ट करके तैनात हुए थे। इसमें पहली शिफ्ट में 400 जवान मौजूद थे। वहीं स्टेशनों के गेटों पर करीब 500 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया।
यात्री खुश नजर आये
बेलगछिया से लेकर एस्प्लेनेड तक के बीच में सफर करनेवाले खुशी सिंह ने कहा कि वह बहुत खुश है मेट्राे में यात्रा करके। मोहम्मद सा​किब ने कहा कि उन्हें मेट्रो का सिस्टम काफी अच्छा लगा साथ ही समय की भी बचत हो गयी।
11,19,255 रु. के राजस्व की उगाही
सोमवार को मेट्रो को आम लोगों के लिए खोलने के बाद मेट्रो रेलवे में 20 हजार लोगों ने यात्रा की जिसमें मेट्रो ने 11,19,255 रुपये की कमाई की। इसके पहले नीट की परीक्षा के दिन भी यानी की रविवार को भी मेट्रो
जीएम ने रखी नजर
मेट्रो की शुरूआत सुबह 8 बजे से हुई और अंतिम मेट्रो की ट्रेन के समय तक कोलकाता मेट्रो के जीएम मनोज जोशी की नजर मेट्रो पर ही थी। उन्होंने पार्क स्ट्रीट स्थित कंट्रोल रूम में बैठकर मेट्रो की गतिविधियों पर अपनी नजर रखी। साथ ही मेट्रो के स्टाफ द्वारा मेट्रो की वीडियोग्राफी भी की जा रही थी। नीट की परीक्षा के दिन मेट्रो ने 68,660 रुपये की कमाई की थी।

दौड़ी मेट्रो तो ऑटो ड्राइवरों के भी खिले चेहरे

सोमवार से जब करीब छह महीने बाद मेट्रो रेलवे ट्रैक पर दौड़ी तो ऑटो ड्राइवरों के चेहरे भी खिल उठे। इसकी मुख्य वजह है कि महानगर में बड़ी संख्या में ऐसे ऑटो स्टैण्ड हैं जो कि मेट्रो स्टेशनों के आस-पास हैं। चांदनी चौक के निकट स्थित ऑटो स्टैण्ड के ऑटो ड्राइवर मो.फैय्याद ने कहा कि उम्मीद है कि मेट्रो चलने से अब हमारी यात्री संख्या भी बढ़ेगी। लॉकडाउन के कारण व्यापक तौर पर हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ बेलियाघाटा-सियालदह ऑटो रिक्शा ऑपरेटर्स यूनियन के इंद्रनाथ मन्ना ने कहा कि हमें अब भी लोकल ट्रेन के चलने का इंतजार है। इसकी वजह है कि अब भी यात्री उस संख्या में नहीं मिल रहे, जिस प्रकार से लॉकडाउन के पहले मिलते थे। आशा है कि जल्द लोकल ट्रेनें भी चलेंगी और हमें सहूलियत होगी।

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