ममता ने किया सवाल, दिल्ली दंगों में येचुरी का नाम चार्जशीट में क्यों

कोलकाता  : दिल्ली दंगे चार्जशीट में सीताराम येचुरी का नाम आने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आश्चर्य जताया है। ममता ने सवाल किया है कि आखिर उन लोगों का नाम चार्जशीट में क्यों नहीं दर्ज कराया गया जिन्होंने दिल्ली में दंगा किया था। ममता बनर्जी ने कहा कि सभी को दंगों के बारे में पता है कि इसके पीछे किसका हाथ था। सीताराम येचुरी के साथ उनकी आइडियोलॉजी भले अलग हो मगर इस तरह चार्जशीट में उनका नाम आना गलत है। यह पूरी तरह से दिखा रहा है कि कैसे भाजपा पूरे देश में हिटलरशाही शासन चला रही है। वहीं जब चुनाव का समय आता है तो भाजपा हिंदू-मुसलमान को बांटने में लग जाती है। धर्म और जाति के बंटवारे का कार्ड खेलने के सिवाय भाजपा ने देश में कुछ भी नहीं किया है। आज केंद्र में शासन करने के दौरान भी भाजपा उसी नीति पर चल रही है। राज्यों को जीएसटी के लिए जो कमिटमेंट किया गया था वह तक नहीं दिया जा रहा है। उल्टे बोला जा रहा है कि राज्य उधार लें। आखिर क्यों राज्यों को उधार लेना होगा। यह दायित्व केंद्र का है कि वह जिससे जो लेना है लेकर डायरेक्ट राज्यों को दे या रिजर्व बैंक को देने के लिए कहे।

‘कृषि बिल से किसानों को बुलडोज किया जायेगा’

कृषि बिल से किसानों को बुलडोज किया जायेगा। यह कहना है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का। नवान्न में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक देश में कोरोना महामारी फैली है। जल्द खाद्य महामारी आने वाली है। ममता ने इस बिल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल इसका तीव्र विरोध करता है। यह बिल किसानों की रक्षा के लिए नहीं बल्कि उनके अधिकारों को छीनने के लिए लाया जा रहा है। इस बिल के आने पर किसानों को उनका न्यूनतम समर्थन मूल्य तक नहीं मिलेगा।
विपक्ष को एकजुट होने का आह्वान किया
ममता ने कृ​षि बिल के विरोध में तमाम विरोधी दलों को एकजुट होने का आह्वान किया है। ममता ने कहा कि विपक्ष अपने-अपने स्तर पर इसका विरोध करे क्योंकि यह बिल भाजपा द्वारा चलाया जा रहा फासीवाद है। तानाशाह भाजपा की केंद्र सरकार गणतंत्र की हत्या कर रही है। यह सरकार न तो संविधान को मानती है न ही इतिहास से इसका वास्ता है। इनकी तानाशाही एक राज्य में नहीं बल्कि असम, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली हर राज्य में चल रही है। संसद के इतिहास में इस दिन को ब्लैक संडे के नाम से जाना जाएगा।
तृणमूल करेगी लगातार विरोध
इस बिल के विरोध में ममता ने अपने पार्टी नेताओं को भी विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि तृणमूल महिला का प्रदर्शन आज होगा। कल तृणमूल छात्र परिषद और गुरुवार को तृणमूल खेत किसान मजदूर द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा। ममता ने कहा कि भाजपा चारों ओर एक तरफा मिथ्याचार फैला रही है जिसका जवाब तृणमूल देगी।
सांसदों के धरने को कहा, गर्व है उन पर
इस बिल के विरोध में तृणमूल के सांसद संसद भवन में लगातार धरने पर बैठे रहे। ममता ने कहा कि रातभर यह धरना किया गया क्योंकि हम किसानों की रक्षा को प्राथमिकता देते हैं। आज हम सभी कृषि के मुद्दे पर एक हुए हैं। कल किसानों के लिए भी हम इसी तरह एकसाथ खड़े रहेंगे। ममता ने कहा कि मुझे अपने सांसदों पर गर्व है कि वे किसानों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

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