ममता ने कहा-जो मानना है वह सिर्फ केंद्र का निर्देश है

कोलकाता : कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार एकजुट होकर लगी हुई है। कोरोना को लेकर राज्य सरकार की तैयारियां कैसे कारगर हो रही है उसकी जानकारी के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समस्त अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान ही जिले भर के एसपी और डीएम के साथ भी मुख्यमंत्री ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उनके कार्यों का जायजा लिया।
पूरी तरह से प्रवासी मजदूर का रखे ध्यान
मुख्यमंत्री ने कोरोना जैसी बीमारी से लड़ने के लिए इस संकट की घड़ी का महत्त्व अधिकारियों को बताया। मुख्यमंत्री ने सभी को निर्देश दिया कि अभी सभी राज्यों के बॉर्डर सील कर दिए गए हैं इसलिए किसी का भी आना जाना पूरी तरह से बंद है। दूसरे राज्यों के प्रवासी मजदूर जो बंगाल में हैं उनके रहने, खाने, ठहरने का पूरा बंदोबस्त जिला स्तर पर डीएम और एसपी को करना है इसमें कहीं भी किसी तरह की लापरवाही ना बरतने का सीएम ने आदेश दिया।
200 लोगों को क्वारंटीन में भेजने का निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल के बॉर्डर इलाकों पर अधिक नजर रखने की बात कहीं। एक अधिकारी ने जब यह बताया कि किसी विधायक के कहने पर उन्होंने इस्लामपुर के बॉर्डर इलाके से 200 लोगों को इस पार आने की इजाजत दी,तब मुख्यमंत्री भड़क गई और उन्होंने कहा कि अभी किसी विधायक या मंत्री की बात नहीं सुननी है, जो मानना है वह सिर्फ केंद्र का निर्देश है। मुख्यमंत्री ने उन 200 लोगों को तुरंत क्वारेन्टीन में भेजने का निर्देश दिया।
गंभीर परिस्थिती को समझने की आवश्यकता
दूसरी तरफ मिदनापुर में भी अस्पताल में कोरोना से संबंधित चिकित्सा में उचित नियमों की अनदेखी करने के कारण मुख्यमंत्री ने वहां के डीएम की क्लास लगाई। ममता ने कहा कि यह बहुत गंभीर परिस्थिति है, इसे समझने की आवश्यकता है। कहीं कोई लापरवाही ना बरते। इन अधिकारियों को फटकार लगाने के अलावा मुख्यमंत्री ने कुछ अधिकारियों की हौसला अफजाई भी की और उन्हें नए दायित्व दिए।
इनको मिला इन जिलों का काम
वरिष्ठ अधिकारी राजेश सिन्हा को पांच महत्वपूर्ण जिले बांकुड़ा, पुरुलिया, बीरभूम, पूर्व व पश्चिम बर्दवान की जिम्मेदारी दी। यहां कोरोना से संबंधित समस्त स्वास्थ परिसेवा पर इनकी नजर होगी। कुचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी तीनों ऐसे जिले हैं जिनकी सीमा अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सटी है। लॉक डाउन के दौरान यहां किसी तरह का वॉयलेशन न हो यह देखने की जिम्मेदारी अजय नंदा को दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी अजय कुमार को सिलीगुड़ी की जिम्मेदारी दी गई है। यहां से ही नार्थ ईस्ट राज्य सीधे बंगाल में जुड़ते हैं। यहां के सीमायी इलाकों में लॉक डाउन का पूरा पालन किया जाए ये सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इन्हें मिली है।

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