ममता जाएंगी जनता तक

CM Mamata Banerjee

कोलकाता : अब तृणमूल नेता जाएंगे गांव – गांव। दीदी से होगी सीधी बात। आप चाहें जितने भी दूर हों या पास। अपनी समस्याओं को बेहिचक सीधे दीदी तक पहुंचाएं। यह सब अब संभव होगा। इसके लिए जारी किया गया 9137091370 हेल्पलाइन नंबर। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने लोगों को खुद से जोड़ने के लिए नया कैंपेन ‘दीदी के बोलो’ यानी ‘दीदी को बताइये’ की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने सोमवार को पार्टी के हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट का शुभारंभ किया। ममता ने कहा कि उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पूरे राज्य में लोगों के बीच जाएंगे और उनकी शिकायतें सुनेंगे। ममता ने तृणमूल के विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोग हेल्पलाइन नंबर 9137091370 और वेबसाइट www.didikebolo.com के जरिये सीधे हमसे जुड़कर अपने मुद्दों पर बात कर सकते हैं। अपनी शिकायत बता सकते हैं। हम उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे। सीएम ने कहा कि उनकी पार्टी आधुनिकता के साथ आगे बढ़ रही है। यह ‘मॉडर्नाइजेशन ऑफ टीएमसी’ है। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने सभी विधायकों के साथ बैठक की, क्योंकि सांसद अभी लोकसभा में व्यस्त हैं। जानकारी के मुताबिक एक टीम शिकायत को मॉनिटर करेगी और इसके बारे में ममता बनर्जी को सूचित करेगी। सूत्रों के मुताबिक ‘दीदी के बोलो’ कैंपेन चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के दिमाग की उपज है।
100 दिन, 1000+ जनप्रतिनिधि व 10000 गांव
ममता बनर्जी ने कहा कि अगले सौ दिनों में पार्टी के एक हजार से अधिक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता राज्य के 10 हजार गांवों में जाएंगे और स्थानीय लोगों के साथ समय बिताकर, रात भी बिताएंगे, उनके साथ खाना खायेंगे, उनकी शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास करेंगे।
कम से कम 3 घंटे तक लोगों के बीच रहना है। इस जनसंजोग (जनसम्पर्क) अभियान में जनता की बातें सुननी हैं। उन्हें कोई समस्या है तो सुलझाने की पहल करनी है। अनसुलझे मामले को ममता दीदी तक पहुंचाने का दायित्व भी लेना होगा। गांव के 4 -5 विशिष्ट लोगों से मिलना होगा। घर – घर जाना होगा। हर गांव में पार्टी का झंडोत्ताेलन भी करना होगा। कौन किस गांव में जाएगा यह पार्टी मुख्यालय से तय होगा। ममता बनर्जी ने कहा कि जो जहां के दायित्व में हैं वहीं जाएंगे। कहीं भी अपने मन से नहीं चला जाना है। जानकारी के मुताबिक इस कैंपेन का टार्गेट बंगाल के कम से कम 80 प्रतिशत (1.6 करोड़) घरों तक पहुंचना है। 20 महीनों में ऐसा करने का लक्ष्य है। सीएम ने कहा कि उन तक पहुंचने वाली शिकायतों की चिट्ठियों को जितना संभव हो पाता है वह पढ़ती हैं।
क्या यह विधानसभा चुनाव की तैयारी है, इस सवाल के जवाब में ममता ने कहा कि चुनाव में अभी भी काफी समय है। जनता के लिए काम करना है। बंगाल में 75 प्रतिशत गांव हैं। यह ग्रासरूट कनेक्शन है। हालांकि यह चर्चा है कि ममता बनर्जी के इस कैंपेन को अभी से ही 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि गत लोकसभा चुनाव में 42 सीटों वाले बंगाल में 22 सीटों पर तृणमूल और 18 सीटों पर बीजेपी की जीत हुई थी जिसे तृणमूल के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा गया।

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