मध्य कोलकाता से बड़ी मंडियों को हटाने की स्ट्रेटजी तैयार

मछुआ फल मंडी शि​​फ्टिंग की योजना उसी का परिणाम
दीपक रतन मिश्रा, कोलकाता : मध्य कोलकाता और विशेषकर बड़ाबाजार से फल मंडी, दूध बाजार अौर पोस्ता थोक बाजार को हटाने की स्ट्रेटजी तैयार है। अमली जामा इसे धीरे-धीरे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर पहनाया जायेगा। ऐसे में इन जगहों पर लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से ट्रकों की एंट्री महानगर में बंद करने को भी योजना बनायी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाहरी राज्यों से फल लेकर आने वाले ट्रकों को कोलकाता के बाहर ही रोक दिया जाएगा। फल व्यवसायियों से ट्रकों से फल उतरवाने के बाद छोटे वाहनों से महानगर के विभिन्न जगहों पर माल सप्लाई कर सकेंगे। कयास लगाया जा रहा है ​िक इस तरह कोई संक्रमण शहर के अदंर प्रवेश नहीं कर पाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मछुआ फलमंडी में लॉकडाउन के नियमों का पालन करना मुश्किल है। शहर के बीचोबीच बाजार होने के कारण बाहरी राज्य से आने वाले लोगों पर नजर रखना और सबी का हेल्थ चेकअप करना प्रशासन के लिए मुश्किल भरा काम है। ऐसे में राज्य सरकार के निर्देश के बाद पुलिस अधिकारी लगातार मछुआ फल मंडी के व्यवसायियों से बातचीत कर उसे शहर के बाहर शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस द्वारा कोना में जगह दिखाने के बाद व्यवसायियों ने समय मांगा। सूत्रों के अनुसार व्यवसायियों ने पुलिस को कहा कि वे लोग रमजान के बाद ही मार्केट को बाहर शिफ्ट कर पाएंगे।
क्या कहना है पुलिस अधिकारी का
कोलकाता पुलिस के एडिशनल सीपी डी.पी सिंह ने बताया कि मछुआ फल मंडी को कोना में शिफ्ट करने को लेकर एक जगह का निरीक्षण किया गया। इस दौरान मछुआ फल मंडी के व्यवसायी भी मौजूद थे। वहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद ही मार्केट शिफ्ट होगा।
क्या कहना है मछुआ फल मंडी के व्यवसायी का
यहां उल्लेखनीय है कि बड़ाबाजार में लगातार कोरोना संक्रमत मरीज मिलने के बाद प्रशासन अब यहां के बाजारों को लेकर सतर्क हो गया है। कुछ दिनों पहले ही जोड़ासांको थाना का एसआई कोरोना संक्रमित पाया गया था। ऐसे में थाना के पास में स्थित मछुआ फल मंडी में संक्रमण न फैले इसे लेकर प्रशसान सतर्क हो गया है। लॉकडाउन के बाद मछुआ फल मंडी को बंद कर दिया गया था। हालांकि रमजान के त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने कई नियमों के तहत मार्केट को दोबारा खोला। हालांकि मार्केट के आसपास के इलाकों में कई कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके अलावा फल मंडी में रोजोना सैकड़ों ट्रक ड्राइवर और खलासी दूसरे राज्य से आते हैं। ऐसे में उनसे भी संक्रमण फैलने का डर बना रहते हैं। इसे देखते हुए कोलकाता पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और खालीस का थर्मल स्क्रीनिंग चालू तिया लेकिन फिर संक्रमण की संभवना बनी रहती है।

क्या कहा एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. सोहराब ने

पूर्व विधायक व कलकत्ता फ्रुट मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. सोहराब ने बताया कि पुलिस की ओर से कोना में बड़े ट्रकों से फलों की अनलोडिंग के लिए जगह दिखायी गयी है। हमें ने प्रशसान से वहां पर आधरभूत सपुविधाए उपलब्ध कराने के लिए कहा है ताकि स्वस्थ परिवेश में व्यवसाय किया जा सके। उन्होंने बताया कि फल मंडी के व्यवसायियों की ओर से प्रशासन को वहां पर शेड, श्रमिकों के ठहरने के लिए झोपड़ी और भोजन के लिए कैफेटेरिया बनाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा वहां पर सड़क निर्माण की मांग की गयी है। उन्होंने कहा कि कलकत्ता फ्रुट मर्चेंट एसोसिएशन सरकार के साथ खड़ी है लेकिन प्रशसान को हर कदम व्यवसासियों से बातचीत के बाद उठाना चाहिए। मौजूदा स्थिति में फल व्यवसाय श्रमिकों की कमी से जुझ रहा है। अगर अचानक बड़े ट्रकों को सिर्फ मछुआ में आने से रोका जाएगा तो इससे गलत संदेश जाएगा। प्रशासन को सभी बाजार में बाहरी राज्य से आने वाले ट्रकों को बाहर रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस के कहने पर फल मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। साथ ही ट्रकों के प्रवेश के लिए 12 फीट की जगह छोड़ी गयी है।

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