भाटपाड़ा में क्यों राजनीतिक रंग देखकर हो रही है कार्रवाई

जनता पूछ रही है सवाल
कौन देगा इसका हिसाब
भाटपाड़ा: भाटपाड़ा के पूर्व विधायक अर्जुन सिंह के भाजपा में शामिल होने और बैरकपुर लोकसभा में बड़ी जीत के बाद बैरकपुर के भाटपाड़ा में लगातार माहौल अशांत बना हुआ है। यहां अर्जुन सिंह दल के विरुद्ध लगातार कार्रवाई हो रही है तो विपक्षी पक्ष कौन है यह प्रश्न स्थानीय लोगों ने उठाया है। आपराधिक ग​तिवि​धियों या फिर दो समुदायों के बीच संघर्ष हो रहा है तो प्रशासन राजनीतिक रंग क्यों देख रहा है। सिर्फ एक पक्ष की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठायी जा रही है, दूसरे पक्ष को कौन देखेगा। क्या भाटपाड़ा बंगाल से अलग है या फिर यहां एक समुदाय विशेष की ही प्रशासन की जिम्मेदारी है, इन प्रश्नों को उठाया है भाटपाड़ा की जनता ने। जनता पूछ रही है ​कि बारुईपाड़ा में दो हत्याओं पर सीआईडी तक को सक्रिय कर दिया गया तो मेघना मोड़ पर हुए युवक की हत्या को व्यक्तिगत रंजिश क्यों बताया जा रहा है। कार्रवाई के नाम पर गुरुवार को कछारी रोड इलाके में पुलिस फायरिंग का क्यों हमें जवाब नहीं मिल रहा। क्यों उन इलाकों में पुलिस घुसने का साहस नहीं कर पा रही जहां से बमों की बरसात होती है। 1 महीने से राजनीतिक, गुटीय द्वंद्व के नाम पर आतंक झेल रहे लाखों परिवारवालों का सुकून चैन छीन ​ली गयी है। क्या राजनीतिक परिवर्तन सिर्फ भाटपाड़ा में हुआ है या फिर जनता की जिम्मेदारी लेने वाली सरकार इसे अपनी नाक की लड़ाई का अखाड़ा बनाने में ही खुश है। यहां लगातार तनाव को लेकर भाजपा दावा कर रही है कि पुलिस जनता में ही राजनीतिक रंग और समुदाय का भेद कर कर्रवाई कर रही है। तृणमूल का झंडा पॉकेट में लेकर पुलिस काम कर रही है। रिलायंस जूट मिल लाइन में सिर्फ एक नारा का मुद्दा ऐसा उठाया गया कि कार्रवाई के नाम पर रात भर पुलिस ने घरों में तांकझांक शुरू कर दी। प्रशासन के कड़े निर्देश का ऐसा पालन किया जा रहा है कि कांकीनाड़ा बाजार के व्यवसायियों की दुकानों में लूटपाट मचायी गयी। उन्हें अवरोध से हटाने के लिए आंसू गैस छोड़े गये मगर गुरुवार को बमबारी के माहौल को संभालने के लिए आंसू गैस छोड़ने के बजाय सीधे फायरिंग की गयी। भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने कहा कि परिस्थितियां ऐसी रहीं तो किसी राज्य प्रशासन का मुंह नहीं देखा जायेगा। शांति बहाली के लिए सीधे केंद्रीय सरकार कार्रवाई करेगी और यहां कैसे उपद्रवियों पर लगाम लगाना है यह केंद्रीय सरकार करके दिखा देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ यहां का प्रतिनिधि अर्जुन सिंह है इस कारण यहां लगातार ​हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है, अर्जुन सिंह के दल के विरुद्ध क्या पूरा प्रशासन ही प्रतिद्वंद्वी है? वहीं तृणमूल के पूर्व जिला अध्यक्ष ज्योतिप्रिय का दावा है कि अर्जुन वाहिनी के अपराधी ही इलाके को अशांत बनाये हुए हैं तभी भी सवाल उठता है कि एक ही पक्ष इलाके में अगर अशांति करवा रहा है तो क्या वहीं पक्ष कार्रवाई की मांग भी कर रहा है? बात जो भी हो मगर भाटपाड़ा की जनता इन सवालों के साथ अब पुलिस व राज्य प्रशासन पर कोई भरोसा नहीं कर रही। शुक्रवार की शाम जनता ने पुलिस को धिक्कारा और इलाके से खदेड़कर यह साबित कर दिया। साथ ही यहां राष्ट्रपति शासन व केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग की।

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