भाटपाड़ा फिर बना रणक्षेत्र, चली गोलियां और बम, 2 की मौत

सीएम ने की उच्चस्तरीय बैठक, घटना स्थल पर धारा 144 लागू

डीजी ने किया घटना स्थल का दौरा, संजय सिंह को बैरकपुर कमिश्नरेट का अतिरिक्त भार

कोलकाता / भाटपाड़ा : लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा में हिंसा बदस्तूर जारी है। इस क्षेत्र में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को भी 2 समूहों के बीच हुए संघर्ष में 2 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान रामबाबू साव (17) व धर्मेन्द्र साव (45) के रूप में की गई है। गंभीर रूप से घायलों में विनोद साव, विक्रम वर्मा, अशोक साव और संतोष प्रसाद हैं। भाटपाड़ा-काकीनाड़ा में हिंसा के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में गृह सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के अलावा मुख्य सचिव मलय दे, डीजी विरेन्द्र व एडीजी (कानून व्यवस्था) ज्ञानवंत सिंह शामिल थे। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। राज्य के डीजी विरेन्द्र ने घटना स्थल का दौरा किया तथा स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिलकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही एडीजी, दक्षिण बंगाल संजय सिंह को बैरकपुर कमिश्नरेट का अतिरिक्त भार दिया गया है, ताकि वहां शांति कायम की जा सके। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि गोलीबारी व बम के धमाकों से इलाका दहल उठा है। भाटपाड़ा में नवनिर्मित थाना जिसका उद्घाटन होना बाकी है, उसके पास ही दो विरोधी समूहों के सदस्यों के बीच तीखी झड़प हुई और इस दौरान कई बम दागे गए और गोलियां चलायी गयीं। घटना के बाद पुलिस व त्वरित कार्रवाई बल (रैफ) के जवानों को तैनात किया गया है। हंगामे और हिंसा के बाद इलाके में स्थित दुकानें, कार्यालय आदि बंद कर दिये गये। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भाटपाड़ा में 19 मई को हुए विधानसभा उप-चुनाव के बाद झड़प के कई मामले सामने आ चुके हैं। कांकीनाड़ा के कछाड़ी गेट के पास 4 व 5 नंबर रेलवे साइडिंग इलाके में जोरदार बमबाजी और गोलीबारी भी हुई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और विशाल संख्या में रैफ को तैनात किया गया जहां स्थानीय लोग मौत के लिए पुलिस की गोली को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं पुलिस इससे इनकार कर रही है। इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने हिंसा के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर भाजपा संसदीय दल की एक टीम जायेगी। यह टीम रिपोर्ट तैयार कर गृह मंत्रालय को सौंपेगी। वहीं तृणमूल की ओर से इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया गया है।

 

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Jagdip Dhankhar

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