बंगाल में रहना है तो बांग्ला बोलनी होगी : ममता

मैं हिंदीभाषी, बंगलाभाषी का विभेद नहीं करती, यह काम भाजपा का है

कोलकाता : बंगाल को गुजरात बनाने की साजिश हो रही है, इस कारण ही बंगाल में रणनीति बनाकर अशांति की जा रही है मगर कुछ भी हो जाये मैं बंगाल को गुजरात नहीं बनने दूंगी। बंगाल में रहना है तो बांग्ला बोलना होगा। मैं बिहार या यूपी जाती हूं तो हिंदी बोलती हूं क्योंकि मुझे पता है कि वहां की भाषा हिंदी है, वैसे ही बंगाल में रहने वालों को बांग्ला बोलना होगा। प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कांचरापाड़ा के आदर्श मैदान में एक जनसभा को संबो​धित करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से हिंदीभाषियों को चले जाने का दबाव दिया जाता है मगर बंगाल में ऐसा ना हुआ ना होगा। मैं बंगलाभाषी-हिंदीभाषी का विभेद नहीं करती, यह काम भाजपा का है। चुनाव के दौरान ही यह आग भाजपा ने लगानी शुरू की। हिंदीभाषियों को बांग्लाभाषियों के विरुद्ध व बांग्लाभाषियों को हिंदीभाषियों के विरुद्ध भड़काया गया। मैं चाहती हूं कि सभी मिलकर शांति से रहें। विभेद की भावना बंगाल में कभी ना पनपे। उन्होंने इस मंच से भी भाजपा को ललकारा और कहा कि भाजपा के लिए रुपयों का मूल्य कागज की तरह है, भाजपा पानी की तरह पैसे बहा रही है ताकि बंगाल में जगह बना सके, देश का सर्वनाश कर दिया है पर मैं यह बता दूं कि अभी तृणमूल की सरकार है और 2 साल हमारे हाथ में समय भी है। तृणमूल लड़कर, जीतकर फिर सरकार बनायेगी। उन्होंने पार्टी के कर्मियों का जहां आह्वान किया कि वे बिना डरे, डटकर अपना काम करें वहीं उन्होंने पार्टी छोड़ने की मंशा रखने वालों को 7 दिनों का अल्टीमेटम भी दे डाला। उन्होंने कहा कि अधिक मानवता ही कभी बुरा साबित होती है, यही कारण है कि पार्टी कर्मियों द्वारा गद्दारों की जानकारी दिये जाने पर भी मैंने उन्हें मौका दिया। गलत करने वालों के विरुद्ध जैसे ही मैं कार्रवाई करती हूं वे पार्टी छोड़ देते हैं तो ऐसे लोग चले जायें और तृणमूल को शुद्ध करें। गत बार प्रदेश की मुख्यमंत्री के नैहाटी नगरपालिका के धरना मंच पर जाने के दौरान भाटपाड़ा में उन्हें जय श्री राम के नारे सुनने पड़े थे और इस बार भी मुख्यमंत्री के कांचरापाड़ा जाने के दौरान भी जय श्री राम के नारे लगाये गये। कांचरापाड़ा के रथतल्ला मोड़, घोष पाड़ा रोड पर दोनों ओर खड़े लोगों ने उनके कॉन्वॉय को देखकर ही नारे लगाने शुरू कर दिये। हालांकि इस दौरान पुलिस की कड़ी व्यवस्था रही।

बाहरी लोगों ने ही एनआरएस में हंगामा किया : मुख्यमंत्री

एनआरएस में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद हुए हंगामे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ​हिंसा और हंगामा करने वाले बाहरी हैं, मेरे पास प्रूफ है और इस कारण मैं यह बात कह रही हूं। कुछ लोगों को बुलाया ही गया कि वे मुद्दों को हवा दें और अशांति करें। सबूतों के साथ कार्रवाई की जायेगी। पुलिस अपना काम नहीं करेगी तो लोग कैसे रह पायेंगे। मैं शांति का आह्वान करती हूं।

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