बंगाल को रिक्रूटमेंट का हेडक्वार्टर बनाना चाहता है अलकायदा !

कोलकाता : एनआईए द्वारा पश्चिम बंगाल से 6 आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद कई तरह के खुलासे हो रहे हैं। अब एक और आतंकी के बारे में सूचना मिली हैै। वहीं इस साल पश्चिम बंगाल से आतंकवादियों की गिरफ्तारी की यह पहली घटना नहीं है बल्कि इससे पहले भी अलग – अलग जगहों से इस तरह की घटनाएं घटी हैं। गिरफ्तार आतंकियों में जेएमबी, नियो जेएमबी, लस्कर जैसे आतंकी संगठनों के आतंकवादी हैं। हालांकि इस तरह सीधे तौर पर अलकायदा से जुड़े आतंकियों की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल से पहली बार हुई है।

बंगाल में रिक्रूटमेंट करता है अलकायदा ?

राज्य से इतनी संख्या में आतंकियों का पकड़ा जाना इस ओर स्पष्ट संकेत देता है कि पश्चिम बंगाल को अलकायदा रिक्रूटमेंट का हेडक्वार्टर बनाना चाहता था। बंगाल से ही अलकायदा द्वारा रिक्रूटमेंट किया जा रहा है। इसके लिए अल-फिदा, शमुक-अल-इस्लाम और होनेन जैसे कई जिहादी संगठनों की वेबसाइटों पर विज्ञापन भी जारी किया जाता है। सोशल मीडिया और डार्क वेब अहम माध्यम हैं अलकायदा के रिक्रूटमेंट का। वाशिंगटन पोस्ट की एक खबर के अनुसार, वर्ष 2012 में भी उक्त वेबसाइटों पर रिक्रूटमेंट के लिए अलकायदा ने विज्ञापन जारी किया था।

स्थानीय रिक्रूटमेंट पर दिया जा रहा है जोर

जानकारी के अनुसार, अलकायदा की ओर से स्थानीय रिक्रूटमेंट पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, 9/11 हमले के बाद से देश की इंटेलिजेंस एजेंसी के काम करने के तरीकों में भी काफी बदलाव आये हैं और उसी के अनुसार, आतंकी संगठनों ने भी अपने काम का तरीका बदला है। अब कराची से आकर कहीं विस्फोट की कोई आवश्यकता आतंकी संगठनों को महसूस नहीं होती क्योंकि स्थानीय रिक्रूटमेंट कर उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। ऐसे में आपके घर के पास का ही कोई आतंकी हाे सकता है और इसकी भनक तक आपको नहीं लग पायेगी। ये आतंकी स्वाभाविक जिंदगी जीते हैं और समय आने पर टार्गेट पूरा करते हैं।

युवतियाें को भी आतंकियों ने जोड़ा अपने नापाक टार्गेट से

अब युवतियों को भी आतंकी अपने नापाक टार्गेट से जोड़ रहे हैं। इसका उदाहरण है तानिया परवीन और आयेशा जन्नत मोहना की गिरफ्तारी। गत जुलाई महीने में आयेशा को बांग्लादेश के ढाका से वहां की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आयेशा मुख्यतः पश्चिम बंगाल की है जिसका पहले प्रज्ञा देवनाथ नाम था। बाद में उसने अपना नाम आयेशा जन्नत मोहना करवा लिया और आतंकी संगठत जमात मु​जाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो गयी। इसी तरह जून के महीने में उत्तर 24 परगना के बादुड़िया से कोलकाता पुलिस के एसटीएफ ने 21 वर्षीया छात्रा तानिया परवीन को गिरफ्तार किया था। आतंकी संगठन लश्कर ए तायबा के साथ जुड़े रहने के आरोपाें में शामिल रहने के कारण उसे एनआईए ने पकड़ा था। इस तरह कम उम्र की युवतियों की गिरफ्तारी से यह बात स्पष्ट है कि आतंकियों के निशाने पर इस तरह की युवतियां भी हैं जो आतंकी संगठनों को ‘महत्वाकांक्षी’ लगती हैं।

पश्चिम बंगाल बना आतंकियों के हाइड आउट की जगह

गिरफ्तार अलकायदा आतंकियों के निशाने पर दिल्ली, अयोध्या जैसे स्थान थे, लेकिन आतंकी छुपे थे बंगाल में। ऐसे में जानकारों का कहना है कि पश्चिम बंगाल को आतंकियों के हाइड आउट की जगह बनायी जा रही है क्योंकि सीमाई राज्य होने के कारण आसानी से आतंकी यहां आकर छुप सकते हैं और यहां से देश के किसी भी कोने में जाकर आतंकी गति​विधियों को अंजाम दे सकते हैं। तानिया परवीन उत्तर 24 परगना में छुपी हुई थी तो वहीं गत मई महीने में जेएमबी आतंकी अब्दुल करीम को कोलकाता से ही गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह जून में शेख रेजाउल हुगली में छुपा मिला तो वहीं गुजरात के कालुपूर ब्लास्ट का अभियुक्त आतंकी भी बंगाल से गिरफ्तार किया गया था। लगभग 7 वर्ष पहले बर्दवान के खागरागढ़ में हुए बम विस्फाेट कांड के बाद से भी लगता है कि यहां की इंटेलिजेंस एजेंसी नहीं चेत पायी है।

एक नजर इस साल गिरफ्तार हुए आतंकियों पर

– 19 सितम्बर – मुर्शिदाबाद से 6 अलकायदा आतंकी गिरफ्तार।

– 22 अगस्त – गुजरात के कालूपुर ब्लास्ट का अभियुक्त अब्दुर रज्जाक गाजी गिरफ्तार।

8 जून – जेएमबी ऑपरेटिव शेख रेजाउल हुगली से गिरफ्तार हुआ। 10 दिन पहले मुर्शिदाबाद से एक और जेएमबी ऑपरेटिव अब्दुल करीम को ​​गिरफ्तार किया गया था।

– 20 मार्च – लश्कर ए तायबा आतंकी तानिया परवीन की उत्तर 24 परगना से गिरफ्तारी।

जलंगी के मुन्ना सरकार को तलाश रही है एनआईए


मुर्शिदाबाद जिले के 11 स्थानों पर एनआईए की ताबड़तोड़ छापेमारी में जहां अलकायदा के 6 आतंकी गिरफ्तार किये गये , वहीं एक आतंकी मुन्ना सरकार भागने में सफल रहा। बताया जाता है कि जलंगी के घोषपाड़ा निवासी मुन्ना सरकार का नाम भी एनआईए की लिस्ट में था लेकिन छापे के दौरान वह भूमिगत हो गया। परिजनों ने बताया कि वह शनिवार से ही लापता है। उसका कोई सुराग या पता परिजनों के पास भी नहीं है। यहां सवाल  खड़े हो रहे हैं कि अगर परिजन उसके आतंकी होने की बात नहीं मान रहे हैं तो वह घर से फरार क्यों है? बताया जाता है कि वह गत 15 सालों से पराठे की दुकान में रसोइये का काम कर रहा था। परिजन बताते हैं कि वह 10 सालों तक केरल में भी रहा है और वहां भी रसोइये का काम करता था।
लॉकडाउन के दौरान वह केरल से यहां आया था
मुन्ना सरकार की बहन ने बताया कि उसका भाई कभी भी आतंकी नहीं हो सकता। उसने यह भी बताया कि उसके भाई का नाम आतंकियों के साथ जोड़े जाने से उसके पिता को गहरा सदमा पहुंचा है और वे बीमार पड़ गये हैं। मुन्ना के पिता जाकिर सरकार ने बताया कि लॉकडाउन के कारण ही उसका बेटा पिछले 5 माह से यहां आया हुआ था। मेरे साथ खेतों में भी काम करता था। उन्होंने बताया कि एनआईए की सूची में उसका नाम देखकर परिवार को सदमा पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में रहने वाले उसके कुछ दोस्त ही उसे फंसा रहे हैं। जब से उसे एनआईए द्वारा गिरफ्तार किये जाने की जानकारी मिली है वह भूमिगत हो गया है। वहीं एनआईए की एक टीम अभी भी मुर्शिदाबाद के कुछ इलाकों पर पैनी निगाह रखी हुई है। टीम के सदस्य अबु सुफियान के घर भी गये और वहां परिजनों से भी बातचीत की। वहीं जिला पुलिस के अधिकारी भी डोमकल, गंगादासपाड़ा, जलंगी, घोषपाड़ा और रानीनगर के कालीनगर जैसे इलाकों में गश्त लगा रहे हैं।  

बीएसएफ ने दो संदिग्धों के बारे में एनआईए को दी जानकारी

मुर्शिदाबाद से 6 अलकायदा आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद राज्य की सभी सुरक्षा एजेंसियां सजग हो गयी हैं। इस बीच सोमवार को बीएसएफ की ओर से एनआईए कार्यालय को दो संदिग्धों के बारे में जानकारी दी गयी। उक्त दोनों को बीएसएफ ने अवैध तरीके से सीमा पार करते हुए पकड़ा था।  एनआईए सूत्रों के अनुसार बीएसएफ अधिकारियों ने 19 सितंबर को स्वरूपनगर आउटपोस्ट से दो लोगों को पकड़ा था। अभियुक्तों के नाम रुहल मंडल और फारुख मोल्ला हैं। उनके पास से याबा टैबलेट, ज्योग्राफिकल मैप, सीमांत इलाकों की तस्वीर एवं एक बाइक जब्त की गयी थी। बीएसएफ की ओर से दोनों संदिग्धों का डाटा एनआईए कार्यालय में भेजा गया है। उक्त दोनों युवकों का संबंध  अलकायदा आतंकियों के साथ हो सकता है। 

‘कितल फॉर इस्लाम’ का आगाज करना चाहते थे अलकायदा आतंकी

मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार अलकायदा आतंकियों से पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। रविवार को ही मुर्शिदाबाद के रानीनगर से गिरफ्तार  आतंकी अबु सुफियान का मोबाइल खंगालने पर एनआईए अधिकारियों को एक ह्वाट्स ऐप ग्रुप का पता चला था। उक्त ग्रुप में 22 सदस्य थे। उक्त ह्वाट्स ऐप ग्रुप के चैट को पूरी तरह डिलिट कर दिया गया था। एनआईए का आईटी सेल फिलहाल उक्त ह्वाट्स ऐप ग्रुप के चैट को रिकवर करने की कोशिश कर रहा है। इस बीच  एनआईए अधिकारियों को आतंकियों के एक और ह्वाट्स ऐप ग्रुप का पता चला है। इस नए वाट्स ऐप ग्रुप का नाम ‘कितल फॉर इस्लाम’  है।  इस ग्रुप के नाम में ही जिहादी मानसिकता छिपी  है। कितल एक अरबी शब्द है, इसका मतलब युद्ध होता है अर्थात ग्रुप के नाम को हिन्दी में कहा जाए तो ‘इस्लाम के लिए युद्ध’ है। इस नए ह्वाट्स ऐप ग्रुप के मिलने के बाद से अधिकारियों की चिंता बढ़ गयी है।  इस ह्वाट्स ऐप ग्रुप में आतंकी नेटवर्क के और भी कई सदस्यों के नाम सामने आए हैं।  इसके अलावा और भी कई जिलों में अलकायदा के सदस्यों का नेटवर्क फैले होने का तथ्य हाथ लगा है।
मुर्शिदाबाद जिला है अलकायदा आतंकियों का एपीसेंटर
एनआईए सूत्रों के अनुसार मुर्शिदाबाद जिले को एपीसेंटर के रूप में इस्तेमाल कर अलकायदा पूरे बंगाल में संगठन का विस्तार कर रहा था। कुछ महीने पहले ही पता चला था कि अलकायदा की भारतीय शाखा अलकायदा इन द इंडियन सब कंटीनेंट  भारत में हमले की बड़ी साजिश रच रहा था। इसलिए वह भारत के लोगों का ही इस्तेमाल करना चाहता था।  अलकायदा इन द इंडियन सब कंटीनेंट  का लक्ष्य पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत, म्यांमार एवं बांग्लादेश में वृहत इस्लामिक राष्ट्र का गठन करना है। इसके अलावा जांच अधिकारियों को गिरफ्तार आतंकी मोइनुल मंडल के फोन रिकॉर्डिंग भी हाथ लगे हैं। मॉड्यूल के क्रिया-कलाप को लेकर उस कॉल रिकॉर्डिंग में कुछ तथ्य मिले हैं। मोइनुल फोन पर किससे बात कर रहा है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। एनआईए सूत्रों के अनुसार मोइनुल संगठन से शेडो मेंबर के साथ ही फोन पर बात कर रहा था। उक्त सदस्य भी बंगाल का  निवासी है।

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