फिर से विदेशी पक्षियों को लुभाने लगी है सांतरागाछी झील, लौटी रोनक

लाॅकडाउन होने से कम हुआ प्रदूषण, अब तक 3 हजार से ज्यादा पक्षी पहुंचे
पर्यावरणविदो में खुशी, देखने के लिए पर्यटकों की लग रही है भीड़
हावड़ा :
नवम्बर में ही सांतरागाछी झील में विदेशी पक्षियों की भीड़ बढ़ रही है। इसके साथ ही ठंड आते ही यानी की जनवरी महीने में ही यह संख्या और बढ़ेगी। दरअसल हर साल ठंड आते ही साइबेरिया के पक्षी हजारों की संख्या में झील में पहुंचते हैं, परंतु इस बार संख्या में इजाफा होने के आसार इसलिए है क्योंकि लॉकडाउन के दौरान झील के आसपास जितने भी कारखाने मौजूद थे वे बंद पड़े थे। ऐसे में प्रदूषण बहुत ही कम हुआ है। वहीं नवम्बर में ही झील में पक्षियों को देख पर्यावरणविद्यों में खुशी है। बताया जाता है कि इस बार 15 दिनों पहले ही विदेशी पक्षी ​झील में पहुंच चुके हैं। इन्हें देखने के लिए भी पर्यटकों की भीड़ नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक 2500 प​क्षी झील में हैं। इस बारे में श्यामपुर सिद्धेश्वरी महाविद्यालय के प्रोफेसर प्रसन्नजीत दां ने कहा कि हर साल तो नवम्बर के अंतिम दिनों में ही पक्षी आने शुरू करते हैं लेकिन इस बार ये नवम्बर की शुरूआत में ही आ गये हैं। दिसम्बर व जनवरी में इन पक्षियों की गिनती की जाती है। इस बार नवम्बर महीने में ही पक्षियों की गिनती कर देखा जा रहा है कि कितने पक्षी आये हैं। अभी तक की गिनती में देखा गया है कि दो हजार के आसपास पक्षियों की संख्या है। इसके अलावा इनमें कुछ देशी पक्षी भी शामिल हैं। लाॅकडाउन में जहां लोगों ने अपनी नौकरियां गंवायीं वहीं यह लॉकडाउन इन पक्षियों के लिए आर्शीवाद साबित हुआ। कारखाने बंद थे, रोड पर गाड़ियां न के बराबर थीं और कारखाने भी बंद थे। इसके कारण प्रदूषण उक्त इलाके में न के बराबर ही रहा। इस बार निगम के पूर्व प्रशासक धवल जैन ने झील का परिदर्शन कर उसे साफ करने का निर्णय किया था। स्थानीय कुछ लोगों का आरोप है कि झील को कुछ जगहों से साफ किया गया था। बाकी जगहों पर गदंगी जस की तस है। यह भी साफ देखा जा सकता है कि झील में 80 प्रतिशत जलकुंभियां भरी हुई है। ऐसे में जब दिसम्बर व जनवरी में जब पक्षियों की संख्या बढ़ेगी तब उन्हें बैठने में असुविधा होगी।

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

गर्दन के दर्द से ऐसे पायें छुटकारा

आधुनिक बीमारियों में गर्दन में अकड़न और दर्द भी एक प्रचलित रोग है। जो लोग डेस्क जॉब करते हैं, अधिक लिखते-पढ़ते हैं या टी. वी. आगे पढ़ें »

मसाज से मिले चुस्ती-फुर्ती

व्यस्त व भागदौड़ भरी जिंदगी में थक जाना व थकावट आम बात है। ऐसी स्थिति में मसाज अर्थात मालिश लाभ पहुंचाती है एवं थकावट दूर आगे पढ़ें »

ऊपर