प्रति मवेशी बीएसएफ को 2000 रुपये व कस्टम्स को 500 रु. मिलते थे

 

कोलकाता : सीबीआई  की जांच में पता चला है कि एनामुल  हक प्रति मवेशी बीएसएफ अधिकारी को 2000  तथा कस्टम्स अधिकारी को 500  रुपये देता था। वहीं ऑक्शन के दौरान इन्हें  मवेशियों को देने के लिए व्यवस्था अलग थी।  कस्टम्स के अधिकारी आक्शन  वैल्यू का 10 फीसदी उनसे घूस भी लेते थे। यहां तक कि मवेशियों को  खिलाये  गये चारे की कीमत भी 50 रुपये करके इन मवेशी तस्करों से वसूली जाती  थी। यह  भी आरोप लगा है कि बीएसएफ द्वारा पकड़े गये तस्करी के मवेशियों को  सिर्फ  इन्हें ही बेचा जाता था और किसी की हिम्मत नहीं थी कि इसमें भाग भी  ले।  मवेशियों को खरीदने के  बाद इसे फिर से तस्करी कर बांग्लादेश भेज दिया जाता  था। सीबीआई की टीम ने गत 21 सिंतबर  को इनके  खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
आरोप है कि 19 दिसंबर 2015 से लेकर 22  अप्रैल 2017   के बीच में कमांडेंट सतीश कुमार की मदद से इन तस्करी की  घटनाओं को अंजाम  दिया गया। मुर्शिदाबाद में बीएसएफ की 4 कंपनियां व मालदह  में 2 कंपनियां  तैनात थीं। आरोप है कि सतीश कुमार के कार्यकाल में 20,000  मवेशियों को जब्त  किया गया था। इस गिरोह के काम करने का तरीका भी काफी  शातिर था।
बताया गया  कि मवेशियों की जब्ती के 24 घंटे के भीतर इनका ऑक्शन  होता था।  मवेशियों को बछड़ा बताकर उसकी कीमत  कम लगाकर इन तस्करों को ऑक्शन में दे दिया जाता था। कस्टम्स  अधिकारियों व सतीश कुमार की मदद से एनामुल हक व उसका  सहयोगी अनारुल शेख तथा  मो. गुलाम मुस्तफा ने ऑक्शन ले लेते थे।
इस सिंडिकेट में जंगीपुर  कस्टम्स तथा मुर्शिदाबाद कस्टम्स की भी मदद रहने का  आरोप है। ऑक्शन में  मवेशियों की कीमत काफी कम लगायी गयी थी।
2 साल पहले सीबीआई को लगी थी भनक
सीबीआई की टीम ने  6 अप्रैल 2018 में एक प्रिलिमिनरी इंक्वायरी की थी। यह छानबीन सतीश कुमार  के खिलाफ की गयी थी। उन पर एनामुल हक के साथ तस्करी में सहयोग का आरोप लगा  था। उस दौरान पता चला था कि सतीश कुमार के बेटे भुवन भास्कर को इनामुल की  कंपनी में बड़े पोस्ट पर रखा गया था। साथ ही यह पता चला था कि तस्करी के  माध्यम से भारत से बांग्लादेश बड़ी संख्या में मवेशियों की तस्करी होती है  और इसमें बीएसएफ व कस्टम्स के अधिकारी भी इसमें लिप्त हैं। इससे पूर्व  इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की टीम ने भी मवेशी तस्करी के मामले में  इनामुल के खिलाफ कार्रवाई की है।
सतीश कुमार के बेटे को मिलती थी 30 हजार से 40 हजार तक की तनख्वाह
आरोप  है कि सतीश कुमार के बेटे भुवन भास्कर को हक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड  में मवेशी तस्कर ने नौकरी भी दी थी। उसे 30 से 40 हजार तक की सैलरी मिली  है। मई 2017 की शुरुआत में 30 हजार तथा दिसंबर तक 40 हजार की सैलरी दी गयी  है। इससे साफ पता चलता है कि बड़े ही प्रगाढ़ रिश्ते दोनों के बीच थे।
इन-इन धाराओं में हुए हैं मामले
कौग्निजेबल  ऑफेंस आईपीसी की धारा 120 बी, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 के सेक्शन 7,  11 तथा 12 के तहत इन पर व कस्टम्स के अज्ञात अधिकारियों पर लगाए गये हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

हैदराबाद ने बेंगलुरु को 5 विकेट से हराया, सनराइजर्स छठवीं जीत के साथ टॉप-4 में पहुंची, बेंगलुरु दूसरे नंबर पर बरकरार

 शारजाह : आईपीएल के 52वें मैच में हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 5 विकेट से हरा दिया। सनराइजर्स की सीजन में यह छठवीं जीत आगे पढ़ें »

विम्बलडन चैम्पियन हालेप काेरोना संक्रमित

वाशिंगटन : विम्बलडन चैम्पियन सिमोना हालेप ने बताया कि वह कोरोना वायरस जांच में पॉजिटिव आयी है और उनमें इस बीमारी के ‘हलके लक्षण’ है। आगे पढ़ें »

ऊपर