‘पैसा भेज रहा हूं, एक्सेप्ट कर लीजिए’

विशेष संवाददाता,
कोलकाता : आपने अक्सर सुना होगा कि फलां आदमी के खाते से इतने रुपये किसी ने उड़ा लिए, फलां आदमी के एटीएम कार्ड नंबर पूछकर किसी ने ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। इसी कड़ी में अब नया नाम जुड़ा है यूपीआई फ्रॉड का। यूपीआई यानी यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस, मतलब एक मोबाइल ऐप से ही पैसे का लेन-देन। यह ऐप कोई भी हो सकता है- सरकारी यूपीआई ऐप जिसे भीम नाम दिया गया है, या गूगल पे, फोन पे, पेटीएम आदि…। लेकिन यह फ्रॉड होता कैसे है और इनसे बचने का तरीका क्या है?
ओएलएक्स पर एड डाली और ठगों को न्यौता दे दिया…
ओएलएक्स या क्विकर जैसी वेबसाइटों पर पुराने सामान को खरीदा-बेचा जाता है। आजकल ऐसी वेबसाइटों पर विज्ञापन डालने का मतलब है ठगों को न्यौता देना। लेकिन घबराइए नहीं, इस लेख के अंत तक आप उनकी एक-एक चाल जान चुके होंगे और दोबारा कभी उनका शिकार नहीं होंगे। तो सबसे पहले आप ऐसी वेबसाइट पर कुछ बेचने, घर किराये पर देने आदि का विज्ञापन डालते हैं। एक दाम भी फिक्स कर देते हैं, जो आमतौर पर उम्मीद से थोड़ा ज्यादा ही रखते हैं ।
महंगा सामान मतलब जल्द निशाने पर
यदि आपका सामान 2 हजार रुपये से ऊपर का है तो आप तत्काल ठगों के निशाने पर आ जाते हैं। मान लीजिए आपने पुराना कंप्यूटर बेचने का विज्ञापन डाला है और कीमत रखी है 6 हजार रुपये। आपको एक फोन आता है कि मैं यह कंप्यूटर खरीदना चाहता हूं। अधिकांश मामलों में वह यकीन दिलाने के लिए आपको कहेगा कि वह भारतीय सेना में तैनात है और आजकल ड्यूटी जम्मू-कश्मीर में है (सेना के नाम का दु​रुपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि लोगों को सेना और सैनिकों पर ज्यादा भरोसा होता है तथा ठगी जैसी उम्मीद तो ​बिल्कुल नहीं होती)। आपको यकीन दिलाने के लिए वह अपना सेना का पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि सब तुरंत व्हाट्सअप कर देगा। इतने दस्तावेज देखकर तो आप उस पर यकीन कर ही लेंगे। यह होती है आपकी पहली गलती!
कैसे ठगे जाते हैं लोग और कैसे बचें ठगों के जाल से?
जैसे ही उसे लगेगा कि आप उसके झांसे में आ गए (या नहीं भी आए, तब भी), वह तत्काल पूरी पेमेंट करने का ऑफर देगा। सबसे पहले आपके कान यहीं खड़े हो जाने चाहिए कि जब हम 20 रुपये किलो की सब्जी भी छांट-छांट कर, देख-परख कर लेते हैं तो भला कोई पुराने कंप्यूटर को बिना देखे, उसका पूरा भुगतान करने को तैयार कैसे हो गया? आपको शक हो भी तो सामने वाला ठग तुरंत आपका शक दूर करने की कोशिश करेगा। वह कहेगा, उसे ड्यूटी पर जाना है, फिर पेमेंट नहीं कर पाएगा, इसलिए आप अपना यूपीआई आईडी दे दीजिए। (यूपीआई आईडी ई-मेल एड्रेस की तरह का खास एड्रेस होता है, जिसे यूपीआई के सभी ऐप में पैसे के लेन-देन के लिए उपयोग में लिया जाता है।) आपको उस पर शक भी है तब भी लगेगा कि यूपीआई आईडी देने से मेरा तो कोई नुकसान है नहीं। यह आपकी दूसरी गलती है!
यूपीआई आईडी दिया, पेमेंट रिक्वेस्ट आई और पैसे गायब
जैसे ही आप अपना यूपीआई आईडी, जो भीम, गूगल पे, फोन पे, अमेजन पे… किसी का भी हो सकता है, देंगे तो ठग कहेगा कि आपको पूरे पैसे भेज रहा हूं। आपको पैसे मिल गए यह पक्का करने के लिए पहले अपने खाते में बैलेंस चेक कर लीजिए और उसका स्क्रीनशॉट मुझे भी भेज दीजिए। इसके बाद जब पैसे आ जाएं तो उसके बाद का स्क्रीनशॉट भी भेज देना ताकि पक्का हो जाए कि आपको पैसे मिल गए। आप सोचेंगे कि मेरे खाते में अमाउंट का स्क्रीनशॉट ले कर भी कोई मेरा पैसा तो निकाल नहीं सकता। आप उसे स्क्रीनशॉट भेज देंगे। यह आपकी तीसरी गलती है! इससे ठग को पता लग गया कि आपके खाते में पैसा कितना है। वह तुरंत फोन करेगा कि मैं पैसे भेज रहा हूं, आपको यूपीआई पर स्वीकार (असेप्ट) करना होगा। तत्काल आपके मोबाइल फोन पर मैसेज आएगा, जिस पर लिखा होगा- क्लिक ऑन पे टू रिसीव मनी फ्रॉम मी (मुझसे पैसे पाने के लिए पे पर क्लिक करें) चूज योर बैंक अकाउंट टू रिसीव मनी फ्रॉम मी (मुझसे पैसे लेने के लिए अपना बैंक अकाउंट नंबर चुनें)। नीचे दो ऑप्शन दिए होंगे- पे और डिक्लाइन। आमतौर पर इस दौरान वह आपके दूसरे मोबाइल पर फोन करके, आपको उलझाए रखेगा कि आपको क्या करना है, कैसे करना है (ताकि आप ठीक से सोच न पाएं)। वह लगातार जोर देगा कि पे पर क्लिक कीजिए और पैसे आपके खाते में आ जाएंगे। यह आपकी चौथी और सबसे बड़ी गलती होगी! आपने जैसे ही पे पर क्लिक किया, आपके खाते से उतने ही रुपये ठग के खाते में चले जाएंगे। जब तक आप क़ुछ समझेंगे तब तक चूना लग चुका होगा।
मैं तो पुलिस में शिकायत कर दूंगा!
कर दीजिए, कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला। अब आप साइबर सेल में शिकायत करें या कहीं और, आपका पैसा वापस मिलने की संभावना न के बराबर होती है, क्योंकि वे ठग रोज हजारों लोगों को ऐसे ही ठग रहे हैं और एक फोन नंबर व यूपीआईआई के अलावा आपके पास उनका कोई अता-पता नहीं होता। अरे हां, आपके पास तो उसका पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड… सब हैं, अब तो पुलिस पकड़ ही लेगी। लेकिन ऐसा नहीं होने वाला श्रीमान, क्योंकि वे सारे दस्तावेज फर्जी हैं। फिर भी, शिकायत जरूर कीजिए, क्योंकि साइबर सेल ठगों को पकड़ने का प्रयास तो करेेगी ही, शायद आपकी किस्मत अच्छी हो तो पैसे वापस आ जाएं।

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