पहली बार कोविड से मृत की ऑटोप्सी

कोविड से मृत ब्रज राय के शरीर को आर.जी.कर में रखा गया
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः मरणोपरांत शरीर और अंगदान आंदोलन के प्रणेता ब्रज रॉय का गुरुवार को निधन हो गया था। उन्हें कई बीमारियों के साथ एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। मृत्यु के समय वह 84 वर्ष के थे। गणदर्पण नामक स्वयंसेवी संगठन के माध्यम से उन्होंने अंगदान आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई थी। वह लोगों के बीच अंगदान जैसे कार्यक्रमों को अंजाम देने के लिए जाने जाते थे। कोविड के शिकार हुए ब्रज राय का अंगदान भले ही नहीं किया जा सका, हालांकि अब उनके शरीर पर अनुसंधान होगा। आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में उनके शव को रखा गया है। उनके मृत शरीर पर पैथोलॉजिकल ऑटोप्सी की जाएगी। इससे यह पता किया जाएगा कि कोविड का प्रभाव किन-किन अंगों पर पड़ रहा है। माना जा रहा है कि ऐसी पहल पहली बार हो रही है। इससे कोविड की चिकित्सा में एक बड़ी क्रांति भी आने की उम्मीद है।

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