पहली बार ऐसा लॉकडाउन

कोलकाता : बंगाल कई लॉकडाउन का गवाह रहा है। लॉकडाउन के अलग-अलग रूप-रंग देखे गये हैं। मगर गुरुवार के लॉकडाउन की तरह राज्य ने अब तक ऐसा नहीं देखा है। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप की चेन को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने सप्ताह में 2 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है। इसी के क्रम में 23 जुलाई गुरुवार को साप्ताहिक पहला लॉकडाउन हुआ जिसका राज्यभर में बेहद असर दिखा। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण बंगाल के जिले से लेकर नार्थ बंगाल तक लॉकडाउन देखा गया। पुलिस की जबरदस्त पहरेदारी देखी गयी। इमरजेंसी सर्विसेस को छूट दी गयी। वहीं हर गाड़ियों का कारण भी पूछा जा रहा था।
पुलिस ने ड्रोन से की निगरीनी
बेवजह घर से निकलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी। केवल कोलकाता में लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में 886 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बिना मास्क के घूमने वाले 552 लोगों पर कार्रवाई हुई। पार्क सर्कस, जादवपुर और इटाली इलाके में पुलिस ने ड्रोन के जरिए नजरदारी चलायी।
पहली बार किसी बंद था बड़ाबाजार का दूधबाजार
दक्षिण कोलकाता का धर्मतल्ला, अलीपुर, न्यू अलीपुर,रासबिहारी, खिदिरपुर, रेड राेड, हाजरा, गरियाहाट चारों ओर पुलिस तैनात थी। बड़ाबाजार का दूधबाजार पहली बार किसी बंद के दौरान बंद था। यह पहला मौका था जब सरकार द्वारा लाकडाउन किये जाने के बाद इस दूधबाजार को बंद रखा गया। इधर, हावड़ा ब्रिज से लेकर शहर के हर चौराहे पर पुलिस तैनात थी। इधर, विधाननगर, साल्टलेक की सड़कें खाली दिखीं।
ग्राम पंचायतों में भी सक्रिय रही पुलिस
जिले के बारासात, बैरकपुर, बशीरहाट, बनगांव महकमा के पालिका क्षेत्रों सहित ग्राम पंचायतों में भी बारासात, बशीरहाट जिला पुलिस, बैरकपुर कमिश्नरेट की पुलिस पूरी तरह से सक्रिय रही। बैरकपुर अंचल के बारानगर, खड़दह, बैरकपुर सहित विभिन्न थानों की पुलिस बीटी रोड, घोषपाड़ा रोड, कल्याणी हाईवे पर नाका चेकिंग करती नजर आयी।
लोगों ने भी लॉकडाउन में दिया पूर्ण समर्थन
पुलिस की ऐसी सख्ती थी कि लोगों के कोई भी बहाने काम नहीं आये। दरअसल, राज्य में जितने कोरोना के मामले बढ़ रहे है उसमें सबसे ज्यादा मामले कोलकाता में देखे जा रहे हैं। मरने वालाें की कुल संख्या में भी कोलकाता अव्वल है। ऐसे में लोगों ने भी इस लॉकडाउन का पूर्ण से समर्थन किया।

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