पटाखे जलाने में कुछ गलत नहीं : दिलीप घोष

‘9 मिनट की आतिशबाजी से महानगर की हवा दूषित’
सन्मार्ग संवाददाता, हावड़ा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट तक दीया जलाने की अपील पर खूब पटाखे जलाये गये जिसे लेकर काफी विवाद भी हुआ। इस मुद्दे पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने सोमवार को कहा कि यह खुशी जाहिर करने का तरीका है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यहां उल्लेखनीय है कि दीया जलाने के पीएम की अपील के बाद गत रविवार को महानगर के कई जगहों पर लोग सड़कों पर उतर आयें और पटाखे भी जलाये गये। इसके अलावा फानूश भी जलाया गया जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ। इधर, कोलकाता में इसके खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस ने सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया। इस पर दिलीप घोष सोमवार को उन लोगों के समर्थन में उतरे जिन्होंने पटाखे जलाये। उन्होंने कहा, ‘लॉकडाउन और कोरोना की महामारी के कारण लोग काफी संकट में जी रहे हैं और घबराये हुए हैं। किसी ने लोगों को पटाखे जलाने के लिए नहीं कहा था, लेकिन अगर उन्होंने ऐसा किया तो इसमें भला गलत क्या है?’ दिलीप घोष ने कहा, ‘मैं पर्यावरणविदों से पूछना चाहता हूं कि किसने कहा कि पटाखे जलाने से वायु प्रदूषण फैला है ? जब पूरे साल प्रदूषण फैलता है तो ये पर्यावरणविद कहां चले जाते हैं ?
महानगर की हवा दूषित
कोरोना के खिलाफ जंग में एकजुट हुए लोगों ने रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट तक दीया जलाया यह तो ठीक था। मगर इस दौरान जिस तरह आतिशबाजी की गयी उससे कोलकाता की हवा में जहर घुल गया। पटाखे जलाने के कारण सोमवार को महानगर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब पायी गयी। पीसीबी की माने तो कोलकाता का एक्यूआई 100 से 150 पर आ गया। इधर लॉकडाउन के दौरान कोलकाता में प्रदूषण की मात्रा संतोषजनक स्तर पर आ गयी थी जो अब मध्यम स्तर पर आ गयी। पीसीबी अधिकारियों ने बताया कि आतिशबाजी के कारण हवा में सूक्ष्म कणों घुल गया है और उसके बिखरने में कुछ वक्त लगेगा। पार्क स्ट्रीट में एक्यूआई 139 से 156 पर आ गया जबकि फोर्ट विलियम में 9 बजे से पहले एक्यूआई का स्तर 94 था जो 101 दर्ज ​किया गया।

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