निजामुद्दीन से बंगाल पहुंचे 62 ढूंढ निकाले, 9 का अब तक पता नहीं

सन्मार्ग संवाददाता, कोलकाता : दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में जमायत की घटना सामने आने के बाद से केन्द्र से मिली सूचना के आधार पर कोलकाता पुलिस व खड़गपुर पुलिस ने 46 विदेशी समेत 62 लोगों को ढूंढ निकाला है, बकि 9 का अभी भी कोई पता नहीं चला है। महानगर के विभिन्न इलाकों में इनपुट के आधार पर अभियान चलाकर कोलकाता पुलिस ने 39 विदेशियों सहित 53 लोगों का उद्धार किया। इनमें इंडोनेशिया, म्यांमार और थाईलैंड के अलावा दिल्ली के नागरिक भी शामिल हैं। इनमें 5-6 गाइड की भूमिका में थे। यह लोग तब्लीगी के कार्य को लेकर कोलकाता पहुंचे थे।
हज हाउस में क्वॉरेंटाइन किया गया
इन सभी लोगों को राजारहाट स्थित हज हाउस में क्वारेंटाइन में भेजा गया है। धर्मप्रचारकों के अनुसार लॉकडाउन के कारण उक्त सभी विदेशी नागरिक कोलकाता में फंसे गए थे, हालांकि कोलकाता पुलिस धर्मप्रचारकों के बयान में कितनी सच्चाई है इसकी जांच की जा रही है।
अभियान चलाकर पकड़े गये
जोड़ासांको, नारेकलडांगा और गार्डनरिच की मस्जिद में ठहरे थे कोलकाता पुलिस के डीडी विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार की दोपहर से देर रात तक महानगर के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाया । तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने नारकेलडांगा स्थित कच्ची मस्जिद से थाईलैंड के 13 नागरिकों सहित 15 लोगों का उद्धार किया। इस ग्रुप के सदस्यों में किसी की उम्र 24 तो किसी की उम्र 68 वर्ष है। जोड़ासांको के कोलूटोला स्ट्रीट स्थित छोटे मस्जिद से 13 लोगों का उद्धार किया गया। ये सभी लोग म्यांमार के रहनेवाले हैं। पुलिस के अनुसार ये लोग मस्जिद के पहले तल्ले पर स्थित गेस्ट हाउस में ठहरे थे। मंगलवार की दोपहर जोड़ासांको और डीडी के अधिकारियों ने उन्हें उद्धार किया।
22 से 72 वर्ष के लोग शामिल
इस ग्रुप में 22 वर्ष के युवक से लेकर 72 साल का वृद्ध शामिल थे। इसके अलावा गार्डनरिच स्थित टीना वाली मस्जिद से 9 मलेशियाई और 4 इंडोनेशियाई नागरिकों का उद्धार किया गया है। मंगलवार की रात डीडी और गार्डनरिच थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर उन्हें उद्धार किया। उद्धार किए गए सभी लोगों को पहले मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस ग्रुप में 24 साल के युवक से लेकर 70 साल का वृद्ध शामिल है। न्यू मार्केट के मार्कस स्ट्रीट स्थित अबु बाकर मस्जिद से दिल्ली से आए 8 लोगों को बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार ये लोग भी निजामुद्दीन स्थित मरकज की जमायत में शामिल हुए थे। इनके अलावा विदेशी नागरिकों के साथ रह रहे 7 भारतीय गाइड का भी उद्धार कर उन्हें राजारहाट हज हाउस स्थित क्वारेंटाइन में भेजा गया है।
नहीं किया दूतावास से संपर्क
धर्म प्रचारकों के अनुसार लॉकडाउन के कारण वे लोग कोलकाता में फंस गए थे। लॉकडाउन में फंसने के बाद उक्त धर्मप्रचारकों ने अपने पर निजामुद्दीन से बंगाल पहुंच दूतावास अथवा सरकारी अधिकारियों संपर्क करने की भी कोशिश नहीं की। ऐसे में दिल्ली से आए तब्लीगी के धर्म प्रचारकों की बातों में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच की जा रही है। होम क्वारेंटाइन में भेजे गयेबहरहाल अभी तक पुलिस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है कि जिससे यह कह सके कि इनकी मन्सा ठीक नहीं थी, यह सिर्फ धर्म प्रचारक हैं। उन्हें हज हाउस में क्वारेंटाइन में रखा गया है।
जांच में कोरोना होने का मामला नहीं
जांच में अभी तक कोरोना होने का मामला नहीं पाया गया है। खड़गपुर में भी 7 इंडोनेशियाके नागरिक पकड़े गएबुधवार को खड़गपुर लोकल थाना इलाके के गांव से 9 लोगों का उद्धार किया गया। उन्हें क्वारेंटाइन में रखा गया है। इस बारे में पश्चिम मिदनापुर जिला पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने कहा कि सभी 9 लोग दिल्ली में आयोजित एक धार्मिक जमात में 11 मार्च से लेकर 15 मार्च तक शामिल हुए थे। जमात में हिस्सा लेने वालों उन 9 लोगों में से 7इंडोनेशिया के नागरिक हैं जबकि दो लोग भारत के ही नागरिक हैं। जो इंडोनेशियाा नागरिकों के लिये भाषाई अनुवादक के रूप में सहयोग करते हैं। दिल्ली जमात में हिस्सा लेने के बाद सभी लोग वापस आकर खड़गपुर ग्रामीण थाना इलाके के एक गांव में रह रहे थे।

शेयर करें

मुख्य समाचार

वेस्टइंडीज जीत के करीब, इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 313 रन बनाए

साउथैम्पटन : इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में वेस्टइंडीज जीत की ओर है। मैच के पांचवें दिन टी ब्रेक तक मेहमान टीम ने 4 विकेट के आगे पढ़ें »

पगबाधा का फैसला सिर्फ और सिर्फ डीआरएस से हो : तेंदुलकर

नयी दिल्ली : महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अंपायरों के फैसलों की समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को ‘अंपायर्स कॉल’ को हटाने आगे पढ़ें »

ऊपर