नये साल में महानगर को मिलेगा ‘साइकिल ट्रैक’

कोलकाता : भीड़ भाड़ वाली महानगर की सड़कों पर साइकिल ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य राज्य सरकार की तरफ से शुरू कर दिया गया है। इसे लेकर परियोजना भी चालू कर दी गई है। केमडीए सूत्रों की माने तो इसी सप्ताह दिल्ली से आई एजेंसी कोलकाता के महानगर में सड़कों पर साइकिल ट्रैक तैयार करने के लिए सर्वे शुरू करने वाली है। यह रोड मैप बनाने में करीब 4 महीनों का वक्त लगेगा। इस बीच प्रोजेक्ट को लेकर बनाई गई कमेटी के सदस्य सर्वे रिपोर्ट पर अपने सुझाव देंगे कि इससे जुड़ी क्या नीति बननी चाहिए। कुल मिलाकर एजेंसी द्वारा ही कमेटी के सदस्यों द्वारा मिले सुझावों के बाद नीति तैयार की जाएगी। इन सब में करीब 3 महीने का वक्त लगेगा उसके बाद ही यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास भेजी जाएगी। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो नए साल में लोगों को साइकिल ट्रैक का नया तोहफा मिलेगा।
2006 में लगा था बैन
विभागीय अधिकारी ने बताया कि महानगर में 2006 में ही साइकिल पर बैन लगा दिया गया था, जिसकी वजह से कई मुख्य सड़कों पर साइकिल के चलने पर पाबंदी थी। धीरे-धीरे बाकी इलाकों में भी इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया इधर विदेशी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़कों के किनारे साइकिल ट्रैक देखा था जिसके बाद ही उन्होंने कोलकाता में भी इस तरह की योजना चालू करने के बारे में बात की और आखिरकार इसे चालू किया गया।

दिसंबर के अंत तक पूरा करने का टार्गेट

वैसे तो इस परियोजना को कोलकाता में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए किया गया था मगर कोरोना को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन के दौरान जिस तरह परिवहन सुविधाओं को लेकर दिक्कतें सामने आई, उसमें जल्द से जल्द सड़कों पर साइकिल ट्रैक तैयार करने पर जोर दिया जाने लगा। प्रारंभिक स्तर पर इस योजना को पूरा होने में 1 साल का वक्त लगने का अनुमान लगाया गया था मगर इसकी गति को तेज करने का निर्देश दिया गया है। जिसके बाद इस परियोजना को दिसंबर के अंत तक पूरा करने का टार्गेट रखा गया है।
सात सदस्यों की कमेटी पर इसकी जिम्मेदारी
इस योजना से जुड़े अधिकारी की माने तो कोलकाता में कई ऐसी सड़कें हैं, जो काफी संकरी हैं वहां फुटपाथ और वाहनों की पार्किंग आपस में इस तरह सटी है जिसमें साइकिल ट्रैक बनाना काफी मुश्किल भरा हो सकता है। इस के सर्वे में इसी वजह से देरी का अनुमान लगाया जा रहा है क्योंकि हर जगह महानगर में सड़कें एक समान नहीं है कुछ एक इलाके ऐसे हैं जो साइकिल ट्रैक के लिए उपयुक्त नहीं है। बरहाल इस समस्या के निदान के लिए ही सात सदस्यों की कमेटी बनी है, जिसमें कोलकाता नगर निगम, केएमडीए, कोलकाता पुलिस, परिवहन विभाग, आईआईटी खड़कपुर और एजेंसी के सदस्य है जो आने वाली दिक्कतों का तोड़ निकालेंगे।

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