दिवाली के दिन छतों में लगाना होगा ताला, चाबी जमा रहेगी थाने में

कोलकाता में खुले रखने होंगे मकान के मेन गेट
छत की चाबी कोलकाता में जमा नहीं करनी पड़ेगी
रात 8 से 10 बजे तक ही वैध पटाखे फोड़े जा सकते हैं
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : दिवाली के दिन किसी भी हाल में पुलिस छापेमारी कर सके इसके लिए प्रशासन हर कोशिश करने में जुटा है। विधाननगर, दक्षिण दमदम, हावड़ा या आसपास के इलाकों की बात करें तो वहां पुलिस ने दिवाली के दिन छतों में ताला लगा कर चाबी थाने में जमा करने को कहा है। कोलकाता में छातों पर ताला लगा कर चाबी पुलिस के पास जमा तो नहीं करनी पड़ेगी, पर हाईराइज से लेकर बाकी मकानों के मेन गेट खुले रखने का फरमान है। इसके साथ ही रात 8 से 10 बजे तक ही वैध पटाखे फोड़े जा सकते हैं। इस तरह के घोषित व अघोषित फरमान पर लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया है। आम लोगों ने कहा कि दिवाली वह मौका होता है जब पूरा परिवार पूजा-अर्चना करने के बाद छत पर जाकर रोशनी के इस पर्व को मिलजुल कर मनाता है। ऐसा नहीं है कि दिवाली के दिन छतों पर पटाखे फोड़ने के लिए लोग इकट्ठा होते हैं। हम सभी समाज के समझदार नागरिक है जिन्हें इतना तो पता है कि दिवाली कैसे मनानी है जिससे पर्यावरण प्रभावित न हो। पर्यावरण के साथ खुद की सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में पुलिस लोगों को जागरुक करे लेकिन छापेमारी की जिम्मेदारी पूरी करने के लिए किसी भी हद तक जाना ठीक नहीं है। लोगों ने कहा कि लगभग सभी लोग अब बाजी बाजार से पटाखे लेते हैं। ऐसा देखा गया है कि बाजी बाजार में पटाखें वैध होते हैं लेकिन कार से घर तक आने में व अवैध हो जाते हैं। जब कोई पुलिस कर्मी घरों में आकर बच्चों को पकड़ता है तो हमलोग बाजी बाजार का स्लीप दिखाते हैं लेकिन उसे कोई नहीं मानता।
इस बारे में दक्षिण दमदम के चेयरमैन पाचू राय ने सन्मार्ग को बताया कि पुलिस ने छत बंद करने का निर्देश दिया है, अब लोग इस निर्देश को कितना मानते हैं यह देखने की बात होगी। इधर विधाननगर के डीसी हेडक्वार्टर कुणाल अग्रवाल ने सन्मार्ग को बताया कि विधाननगर इलाके में भी​ ऐसा करने की बात है। हावड़ा सीटी पुलिस के सीपी गौरव शर्मा ने सन्मार्ग को बताया कि फिलहाल ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है मगर थाना स्तर पर लोगों से अपील की गयी है कि पटाखे न फोड़े इसलिए छत बंद कर चाबी थाने में जमा दें। कोलकाता पुलिस की बात करें तो यहां पुलिस का कहना है कि मेन गेट बंद होने के कारण छापेमारी करने में दिक्कत आती है, इसलिए सुरक्षाकर्मियों को गेट रातभर खोले रहने के लिए कहा गया है। कोलकाता पुलिस की तरफ से समस्त पुलिस आवासनों में पटाखे न फोड़ने की सलाह दी गयी है। सत्ताधारी दल के ही बड़े नेताओं का मानना है कि पुलिस को दीवाली के दिन जागरुकता फैलानी चाहिए न कि चालान काटना चा​हिए? हमारी मुख्यमंत्री भी पुलिस को ऐसा करने से मना करती आयी हैं। आम नागरिक का कर्तव्य है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश को माने लेकिन आदेश का ढाल बनाकर लोगों पर अत्याचार नहीं होना चाहिए।
क्या हो सकती है परेशानियां
अगर छत की चाबी पुलिस के पास जमा कर दी जाये तो दीवाली के दिन जो लोग छतों पर मिलजुल कर दिवाली का पर्व मनाते हैं वे ऐसा नहीं कर पायेंगे।
छतों पर भी दीये जलाने का प्रचलन है, ऐसे में लोग दीये भी नहीं जला पायेंगे।
लोग दहशत में दीवाली मनायेंगे, जिसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
अगर हाई राइज बिल्डिंगों के मुख्य गेट खुले रखे जायें तो किसी तरह की वारदात होने पर जिम्मेदार कौन होगा।
लोगों का सवाल यह है कि पटाखे हर जगह फोड़े जाते हैं लेकिन अलीपुर, फूलबागान, बड़ाबाजार, बालीगंज जैसे इलाके ही क्यों रहते हैं निशाने पर

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