दिल्ली की हिंसा पर ममता ने कहा- राजनीति न करें

कोलकाता : पूर्वी भारत के राज्यों को मिलाकर गठित इस्टर्न काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को भुवनेश्वर पहुंचीं। शुक्रवार, 28 फरवरी को होने वाली यह बैठक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुलायी है। इसमें बिहार, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्री के भी शामिल होने की संभावना है। ओडिशा सफर के दौरान मुख्यमंत्री पुरी भी जा सकती हैं। भुवनेश्वर जाने से पहले ममता बनर्जी ने दिल्ली की हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया दी तथा कहा कि यह वक्त राजनीति करने का नहीं है। सभी को एक साथ मिलकर शांति की अपील करने का है। देश इस वक्त जिस कगार पर खड़ा है उसे देखकर दुख हो रहा है। यह वही भारत है जिसे एकता व साम्प्रदायिक सौहार्द्र के लिए जाना जाता है। इसलिए सभी को ऐसे वक्त में स्थिति सामान्य करने के बारे में अग्रसर होने की जरूरत है।
सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से इस बैठक के लिए पंचायत, भूमि एवं भूमि सुधार, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सिंचाई समेत 10 विभागों की रिपोर्ट तैयार की गयी है। सीमा सुरक्षा बल लंबे समय से शिकायत कर रहा है कि उसे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकी बनाने के लिए राज्य सरकार से जमीन नहीं मिल रही है। समझा जा रहा है कि इस बैठक में यह मुद्दा उठेगा। सूत्रों का दावा है कि राज्य सरकार की ओर से बताया जायेगा कि सीमा सुरक्षा बल की जरूरतों के मुताबिक चौकी बनाने के लिए यथासंभव जमीन की व्यवस्था की गयी है। विभिन्न विभागों की परियोजनाओं में केंद्र सरकार ने अपनी हिस्सेदारी घटा दी है। बंगाल सरकार की ओर से इस मुद्दे को भी बैठक में पेश किये जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि पिछली बार यह बैठक नवान्न में हुई थी। उसमें तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह उपस्थित थे।
सीएए और एनआरसी के विरोध के बीच इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। ममता बनर्जी सीएए, एनआरसी और एनपीआर का शुरू से ही विरोध कर रही हैं। इस मुद्दे पर वे केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर रहती हैं। बनर्जी इसके विरोध में सड़कों पर उतर चुकी हैं। सीएए और एनआरसी के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध में प्रदर्शन हो रहा है। गृह मंत्री के साथ ममता बनर्जी की पृथक बैठक होने की भी संभावना है। ममता का भुवनेश्वर दौरा तीन दिनों का है। आज वह पुरी मंदिर में दर्शन के लिए जा सकती है। उसके अलावा संभावना जतायी जा रही है कि वह बाकी मुख्यमंत्रियों के साथ अलग से बैठक भी कर सकती है।

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