तूफान के बीच डटी रहीं ममता

सन्मार्ग संवाददाता,कोलकाता : बंगाल तहस नहस हो चुका है। इसे ठीक होने में काफी समय लगेंगे। पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कठिन दौर में जिस तरह से अभूतपूर्व और कठिन निर्णय लिए हैं, तूफान के बीच डटी रहीं ये सब अपने आप में मिशाल है। सीएम के चेहरे पर चिंताओं की रेखा साफ झलक थी मगर अंतिम दम तक लड़ने की भीषण प्रतिज्ञा भी समझ में आ रही थी। कई लोग आलोचनाएं करते आए हैं और करते भी रहेंगे पर जिस तरह से ममता बनर्जी इस सदी के सबसे बड़े तूफान के बीच अड़ी हैं वह एक मिशाल से कम नहीं। शायद उनके आलोचक भी उनके इस कदम को देखकर निशब्द है। बुधवार को महाचक्रवात अम्फान के कारण उत्पन्न स्थितियों पर सीएम हर पल की खोज खबर लेती रहीं। सीएम इस दिन सुबह सवा ग्यारह बजे ही नवान्न पहुंच गयीं। कंट्रोल रूम से देर रात तक राज्य के हालात पर नजर बनाये रखीं। कहां कैसे क्या करना है, इस पर भी सीएम अधिकारियों को दिशा – निर्देश भी देती रहीं। ग्राउंड में उतरे अधिकारियों की भी खोज खबर ली।

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