जीविका के लिए, अब हॉकर्स भी आएंगे डिजीटल पर

सन्मार्ग संवाददाता, कोलकाता : कोरोना और लॉकडाउन ने हर किसी के जीवन में कई तरह से परिवर्तन ला दिया है। लगभग हर सेक्टर पर ही आर्थिक मंडी है। हॉकर्स वालों की तो अब रोजी रोटी पर बन आयी है। हॉकर्स अपनी जीविका के लिए रास्ता तलाश रहे हैं और बहुत जल्द पूरे दम खम के साथ हॉकरी के लिए डिजीटल पर आ सकते हैं। दरअसल, इसकी शुरूआत गत फरवरी महीने में ही हो गयी थी मगर लॉकडाउन के कारण ‘हॉकर बाजार’ पूरी तरह से चालू नहीं हो पाया था।

पहले चरण में 1 लाख हॉकर्स को जोड़ा जाएगा

अब इस लॉकडाउन में ऑनलाइन व डिजीटल की बढ़ती मांग ने एक बार फिर से हॉकर बाजार को पूरी तरह से सुचारू करने की जरूरत देखी जा रही है। यह जानकारी नेशनल हॉकर्स फेडरेशन और पश्चिम बंगाल हॉकर्स संग्राम कमेटी के जनरल सेक्रेटरी शक्तिमान घोष ने दी। फूड, सब्जी से लेकर गार्मेट्स तक ऑनलाइन बेचेंगे हॉकर्स शक्तिमान घोष ने बताया कि हॉकर बाजार देश के कई शहरों में चालू होगा। पहले चरण में 1 लाख हॉकर्स को इससे जोड़ा जाएगा। पहले चरण में कोलकाता से 25 हजार हॉकर्स को जोड़ा जाएगा। ऑनलाइन के जरिये लोग हॉकर्स से फूड, सब्जी, कपड़े व अन्य जरूर सामान खरीद सकेंगे। कोलकाता व साल्टलेक में प्राथमिकतागत फरवरी में महीने सेक्टर फाइव में शुरूआत हुई थी। अब कोलकाता के बहुबाजार, डलहौसी, धर्मतल्ला, रूबी में लॉकडाउन के बाद जोर शोर से शुरू किया जाएगा। शक्तिमान घोष ने बताया कि हॉकर्स भाई बहनों की हालत बेहद ही दयनीय है। अब दो वक्त का पेट पालना भी मुश्किल हो रहा है। उम्मीद है कि डिजीटल से नयी शुरूआत हो और इनकी हालत थोड़ी सुधरे।

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