ग्रीन जोन में कैसे चलेंगी बसें, दिशा-निर्देश के इंतजार में बस संगठन

बस संगठनों की गुहार, राहत पैकेज दे सरकार कहा- वर्तमान परिस्थिति में बसों को चलाना घाटे का सौदा
सन्मार्ग संवाददाता,कोलकाताः बंगाल के परिवहन क्षेत्र से जुड़े बस संगठनों ने लॉकडाउन के कारण संकट में राज्य सरकार से राहत की गुहार लगाई है। परिवहन संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से वित्तीय सहायता की गुहार लगाते हुए पत्र लिखा है।वहीं ग्रीन जोन में बसें चलाए जाने की बातें तो हो रही हैं, हालांकि अब भी सरकार के दिशा-निर्देश का इंतजार है।
क्या कहना है बस संगठनों का
ज्वाइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट के महासचिव तपन बनर्जी ने कहा कि हम सभी प्रकार के जुर्माना, कर, ईएमआई और बीमा भुगतान पर छह महीने की छूट हम चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व राज्य के परिवहन मंत्री शुभेन्दु अधिकारी को राहत देने के लिए पत्र दिया जा चुका है।इंटर एण्ड इंट्रा रीजन बस एसोस‌िएशन, वेस्ट बंगाल के महासचिव पल्लव मजुमदार ने कहा कि ग्रीन जोन में बसों को 20 यात्रियों के साथ चलाने को कहा गया है। इससे हमारी परेशानी और बढ़ेगी। इस बोझ को सहन करना मुश्किल होगा।मिनी बस ऑपरेटर्स को-ऑर्डिनेशन कमेटी के महासचिव, प्रदीप नारायण बोस ने कहा कि जिलों के रूट लंबे होंगे, ऐसे में खर्च बढ़ेगा। सरकार को चाहिए कि आर्थिक सहयोग दे।बस मिनीबस समन्वय समति के महासचिव राहुल चटर्जी ने कहा कि केवल 20 यात्रियों के साथ बस चलाना समझ से परे है, वह भी ग्रीन जोन में। बस मालिकों को पहले ही वित्तीय नुकसान हो रहा है।
आंकड़े यह भी
कुल निजी बसें बंगाल में- करीब 42000
ग्रीन जोन में बसें होंगी- करीब 1800 से 4000 के बीच
समस्याएं-
1) बस में यात्री मिलेंगे या नहीं संशय में बस मालिक
2) कम यात्रियों में खर्च निकलना मुश्किल

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