गंगा दशहरा : बंगाल में लॉकडाउन छूट के बीच श्रद्धालुओं ने की मां गंगा की अराधना

कोलकाता : कोरोना महामारी से सचेत और सतर्क बंगाल के श्रद्धालु सोमवार को गंगा दशहरा के अवसर पर कुछ अपने-अपने घरों में और कुछ ही घाटों मे जाकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। गंगा नदी की महत्ता को देखते हुए ‘गंगा दशहरा’ ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था। इस दिन गंगा स्नान, गंगा जल का प्रयोग और दान करना विशेष लाभकारी होता है। इस दिन गंगा की आराधना करने से पापों से मुक्ति मिलती है। कहा जाता है कि गंगा में डुबकी लगाने से 10 पापों से छुटकारा मिल जाता है। आम तौर पर आज के दिन श्रद्धालु गंगाघाट पर पूजा करते हैं और फिर पानी में डुबकी लगाते हैं।

थोड़ी रियायत का दिख रहा असर

इस कोरोना की महामारी की रोकथाम के लिए रियायत के साथ जारी लॉकडाउन के चलते ज्यादातर जगहों पर लोग अपने घरों में ही रहकर इस पर्व को मनाते हुए देखे गये। हालांकि लॉकडाउन में थोड़ी रियायत का असर गंगा दशहरा पर्व पर दिख रहा है और कुछ जगहों पर गंगा किनारे बने घाटों पर श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंच रहे हैं और कोरोना संकट से मुक्ति के लिये मां गंगा से प्रार्थना कर रहे हैं। गंगा दशहरा भारत के कुछ अहम राज्यों में बड़े धूम धाम से मनाया जाता है, ज्यादातर ऐसे राज्यों में यह मनाया जाता है जहां से गंगा हो कर जाती है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में गंगा दशहरा बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष के दसवें दिन ही गंगा धरती पर अवतरित हुईं थी। यह त्यौहार पूरे 10 दिन तक चलता है और दसवें दिन गंगा नदी के किनारे मां गंगा की आरती, पूजन और कथा की जाती है।

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