गंगासागर मेला : आउट्राम घाट पर इस बार नहीं जला पाएंगे अलाव

निगम ने पाबंदी तो लगायी मगर नहीं बताया विकल्प
सर्दी से बचने के लिए श्रद्धालु व साधु जलाते हैं अलाव
कोई लकड़ी लेकर न जा पाये इसकेलिए लगेगी लगेज स्कैनर मशीन
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : गंगासागर मेला जाने के लिए जो श्रद्धालु आउट्राम घाट पर ठहरते हैं, उन्हें इस बार ठिठुरती सर्दी में कांपना पड़ सकता है। गंगासागर में डुबकी लगाने के लिए देशभर से बुर्जुग यहां आते हैं। श्रद्धालु आउट्राम घाट पर सर्दी से बचने के लिए अलाव का जुगाड़ भी करते हैं जाे इस बार नहीं हो पाएगा। जी हां, आउट्राम घाट पर इस बार कोई भी अलाव नहीं जला पाएगा क्योंकि कोलकाता नगर निगम ने इस पर पाबंदी लगा दी है। बड़ी बात यह है कि निगम ने पाबंदी तो लगा दी है मगर इसका विकल्प क्या होगा इस बारे में फिलहाल कोई योजना नहीं बनायी गयी है। हम यहां बताते चलें कि न केवल बुजुर्ग अलाव जलाते हैं बल्कि साधु संन्यासी खास कर नगा साधु यहां धुनि रमाते हैं तथा इसमें भी लकड़ी ही जलाई जाती है।
मेयर फिरहाद हकीम ने शिविर प्रांगण में लकड़ी ले जाने पर पाबंदी लगाने की ने जानकारी देते हुए बताया कि आउट्राम घाट तक श्रद्धालु सर्दी से बचने के लिए लकड़ियों का अलाव जलाते हैं, कुछ लोग उसी पर खाना भी पकाते हैं। अलाव से निकलने वाला धुआं महानगर में प्रदूषण फैलाता है, जिसे रोकने के लिए ही निगम ने लकड़ी पर बैन लगाया है। हालांकि इसका विकल्प क्या होगा या क्या होना चाहिए इस बारे में मेयर ने कुछ भी नहीं बताया। निगम सूत्रों ने बताया कि इस पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। बहरहाल आउट्राम घाट में ठहरने वाले श्रद्धालु अपने साथ लकड़ी​ ला रहे हैं कि नहीं इसकी जांच लगेज स्कैनर मशीन से की जाएगी। इस कार्य के लिये कोलकाता पुलिस की मदद ली जाएगी। मेयर ने बताया कि लकड़ी की जगह वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वह व्यवस्था क्या होगी इस पर अभी निर्णय लेना बाकी है।
क्या कहा संस्थाओं ने
इस पाबंदी पर वहां शिविर लगाने वाली संस्थाओं का कहना है कि एक सप्ताह में वहां इतनी लकड़ी नहीं जलती है जिससे प्रदूषण का स्तर बेकाबू हो जाये। इससे अधिक तो प्रति दिन वागहनों के धुओं से महानगर प्रदूषित होता है। मेयर से फिर इस पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। इससे धार्मिक व आस्था का मामला भी जुड़ा है। सागर में पुण्य स्नान करने जाने वाले लोग यहां ठहरते हैं, उनमें से हजरों लोग ऐसे होते हैं जो शिविरों में खाना नहीं खाकर खुद लकड़ी जलाकर खाना बना लेते हैं। उनकी आस्था यह है कि पुण्य स्नान के दौरान किसी दूसरे का मुफ्त में खाना नहीं खाया जता है। ऐसे लोगों के लिए नये फरमान से काफी परेशानी आयेगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर यह कहा मेयर ने
मेयर ने आउट्राम घाट पर सुरक्षा व्यवस्था क्या होगी उसकी भी जानकारी दी तथा बताया कि महिलाओं के लिए आधुनिक चेंजिग रूम तैयार किया जाएगा। बॉयो टाॅयलेट की व्यवस्था होगी। प्रत्येक घाट पर पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा।इंटीग्रेट कंट्रोल रूम से गंगासागर मेले में जाने वाली बसों पर नजर रखी जाएगी। किस बस में कितने श्रद्धालु जा रहे हैं, कब कौन सी बस कहां पहुंच रही है इन सबकी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। नदी में आने वाले ज्वार-भाटा पर भी जानकारी मिल सकेगी।
कोलकाता पुलिस का कंट्रोल रूम
बाबूघाट के पास कोलकाता पुलिस का कंट्रोल रूम तैयार किया जाएगा ताकि पुलिस वहां से सभी घाटों पर निगरानी कर सकेगी। इसके लिये घाटों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा।

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