खतरनाक स्टंट व कई गलतियों ने ली जादूगर की जान

रामकृष्णपुर घाट से​ मिला था शव
हावड़ा ब्रिज के नीचे से हाथ पैर बांधकर उतरे थे नदी में

हावड़ा : सोनारपुर के रहनेवाले जादूगर चंचल ल‍ाहिड़ी की एक जादुई करतब के दौरान नदी में डूबकर मौत हो गई। उनका शव सोमवार को रामकृष्णपुर घाट से​ बरामद हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में लाहिड़ी की जान चली गई। इधर, पुलिस ने मृतक की कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। चंचल लाहिड़ी को स्‍टेज पर ‘मैंड्रेक’ नाम से भी जाना जाता था। शुरुआती पुलिस जांच में पता चला है कि अपने जादूगरी के कारनामे में चंचल लाहिड़ी ने कई गलतियां की थीं, जिनकी कीमत उन्‍हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। खुद को जंजीरों और रस्सियों से बांध कर पानी के भीतर उतरना और सकुशल बाहर आ जाना इस जादुई करतब को लगभग 100 साल पहले अमेरिकी जादूगर हैरी हुडिनी ने मशहूर किया था।
क्‍या था प्‍लान, टीम को भी नहीं पता था
जिस समय लाहिड़ी को पानी में फेंका गया उनके हाथ और पैर बंधे हुए थे, वह इन्‍हें पानी केभीतर कैसे खोलेंगे- इस सवाल का जवाब लाहिड़ी अपनी टीम को भी नहीं दे पाए थे। इतना ही नहीं, उन्‍होंने ऐसे कपड़े और दूसरी चीजें पहन रखी थीं जिनकी मौजूदगी में तेज बहाव में तैरना बहुत मुश्किल साबित हुआ होगा।
प्रैक्टिस की कमी?
मशहूर जादूगर पीसी सरकार भी इसी तरह के करतबों में बहुत कुशल हैं। उनका कहना है, ‘शायद लाहिड़ी को और ज्‍यादा प्रैक्टिस की जरूरत थी।’ लाहिड़ी को पानी में उतारने के 15 मिनट बाद ही उनकी टीम ने संकेत दे दिया था कि उन्‍हें बचाने की कोशिश शुरू की जाए।
नदी के बीच में मदद मांगने वाला शख्‍स लाहिड़ी तो नहीं था?
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब वह काफी समय तक पानी के ऊपर नहीं आए तो लोग परेशान हो गए। कुछ चश्‍मदीदों का कहना है कि उन्‍हें नदी के बीच में एक शख्‍स बहता दिखाई दिया था जो मदद के लिए चिल्‍ला रहा था।
लाहिड़ी के असिस्‍टेंट और भतीजे रुद्रप्रसाद लाहिड़ी का कहना है कि जादूगर मैंड्रेक अपने बंधन खोलकर ऊपर आ गए थे और उन्‍होंने हाथ भी हिलाया था। लेकिन अचानक वह गायब हो गए ओर फिर नहीं दिखे।
नदी में उतरने की मंजूरी नहीं ली थी
पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि कहीं ऐसा तो नहीं कि लाहिड़ी ने इस करतब की
अनुमति लेते समय नियमों की कमी का लाभ उठाया और अपनी ही जान से हाथ धो बैठे। एक सूत्र ने बताया कि इस हादसे में लापरवाही का मामला दर्ज किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मैंड्रेक उर्फ चंचल ने अपने अनुमति पत्र में यह नहीं कहा था कि वह पानी में छलांग लगाएंगे। पत्र में लिखा था कि यह पूरा करतब या स्‍टंट किसी नाव पर किया जाएगा। इसलिए हमने अनुमति दे दी। उसके 1 घंटे के बाद एक दूसरा स्‍टंट भी करेंगे। इसलिए मौके पर रिवर ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद नहीं थी।
प्रैक्टिस थी या फिर जादुई करतब नहीं पता
पुलिस के मुताबिक लाहिड़ी दोपहर 12:30 पर डूबे थे, इससे यह साफ नहीं होता कि वह प्रैक्टिस कर रहे थे या अपने जादुई करतब को अंजाम दे रहे थे। सोमवार को लाहिड़ी के एक दोस्‍त के अनुसार मैंड्रेक के हाथ और पैर बांधकर उन्‍हें पानी के 30 फीट नीचे तक उतारा गया। हजारों लोग देख रहे थे, उनमें कई नेता भी थे इसलिए यह असंभव है कि पुलिस को पूरी घटना की जानकारी न हो।

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