कोलकाता मेट्रो फिर दौड़ने के लिए तैयार, टोकन सिस्टम हो सकता है खत्म

दिन में दो बार चलेगी मेट्रो सिर्फ टेक्नीशियन कर पाएंगे सफर
सन्मार्ग संवाददाता, कोलकाता : लॉकडाउन के दौरान करीब 2 महीने से ज्यादा बंद रहीं मेट्रो रेलवे अब एक बार फिर दौड़ने के लिए तैयार हैं। लॉकडाउन के बाद आने वाले समय में आम यात्रियों को कोई परेशानी न हो। इसके लिए कोलकाता मेट्रो एवं ईस्ट वेस्ट मेट्रो का गुरुवार को एक ट्रायल रन किया गया। इस बारे में मेट्रो रेलवे की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी इंद्रानी बनर्जी ने कहा कि आम यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने से पहले यह एक प्रकार का ट्रायल रन किया गया, ताकि यह देखा जा सके कि मेट्रो ट्रेन में सब कुछ ठीक है कि नहीं। लॉकडाउन के पहले तक इन ट्रेनों को अभी कुछ समय के लिए रोजाना दो टाइम चलाया जाएगा। इन ट्रेनों में केवल मेट्रो के टेक्निशियन को लेकर रोज सुबह 10 बजे कवि सुभाष और नोआपाड़ा से छूटेगी। वहीं दूसरी तरफ शाम 4 बजे वापस इन दो स्टेशनों पर आएगी।
टोकन के बजाय स्मार्ट कार्ड
इस दौरान मेट्रो रेलवे द्वारा संक्रमण को रोकने के लिए टोकन की व्यवस्था को बंद करने का निर्णय ले सकता है और हो सकता है कि केवल स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था की जाए। यात्रियों को 5 या 10 रुपये नहीं बल्कि 100 रुपये देकर पूरे महीने का स्मार्ट कार्ड रिचार्ज करवाना होगा। मेट्रो रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना के बाद टोकन हमारे लिए चिंता का विषय था। बार-बार टोकन को काउंटर गेट से लेकर आना उसे सैनिटाइज करना बहुत मुश्किल का काम होता।
70 प्रतिशत यात्री स्मार्ट कार्ड वाले
वर्तमान में 70प्रतिशत यात्री हैं जो स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। वही काउंटर में यात्रियों की भीड़ कम करने के लिए ऑनलाइन स्मार्ट कार्ड रिचार्ज की व्यवस्था भी की जा सकती है। मेट्रो सूत्रों के अनुसार कोरोनावायरस को रोकने के लिए और मेट्रो में भीड़ को कम करने के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से यह निर्देश आए हैं। जिस पर निर्णय लेते हुए कुछ समय के लिए टोकन व्यवस्था को बंद किया जा सकता है।

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