कोरोना ने सावन मेले पर भी लगाया ग्रहण, मंदिरों में जाकर नहीं होंगे भोलेनाथ के दर्शन

मधु सिंह, ­कोलकाता : ‘हर – हर महादेव, जय शिव शंकर, भोले बाबा पार करेगा’, प्रत्येक वर्ष सावन के महीने में कुछ इसी तरह के नारों से गूंजता था पश्चिम बंगाल का हर कोना। यूं तो हर कोने में शिव मंदिरों में शिव जी की पूजा होती है, लेकिन राज्य के 2 बड़े मंदिरों तारकेश्वर और भूतनाथ में कुछ अलग ही रौनक देखने को मिलती है। हालांकि इस बार कोरोना ने
सावन मेले पर भी ग्रहण लगा दिया है।
नहीं लगेगा श्रावण मेलाः सीएम
तारकेश्वर धाम में लगने वाला श्रावणी मेला कोरोना की वजह से इस बार नहीं लगेगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय से शुक्रवार को इसकी घोषणा की।
तारकेश्वर मंदिर खुलते ही हुआ बंद
सावन के महीने में भक्तजन शेवड़ाफुली से कांवड़ लेकर पैदल ही तारकेश्वर मंदिर में भगवान ​शिव को जल चढ़ाने के लिए जाते हैं। गत 25 जून को तारकेश्वर मंदिर 3 महीने के बाद खुला ही था कि 10 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद फिर अगले ही दिन मंदिर को बंद करना पड़ा। ऐसे में सावन मेला तो दूर की बात, यहां तक कि मंदिर भी सावन में खुला नहीं मिलेगा। तारकेश्वर मंदिर के मुख्य महंत महाराज ने बताया कि अभी मंदिर कब तक बंद रहेगा, यह भी कोई ठीक नहीं है तो कांवड़ यात्रा तो दूर की बात है। मंदिर के अंदर पूजा नियमित तौर पर जारी रहेगी। जब यूपी, उत्तराखण्ड व हरियाणा सरकारों ने भी सावन मेला पर रोक लगा दी। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा सही निर्णय लिया गया है।
भूतनाथ मंदिर में होगी पूजा लेकिन…
भूतनाथ मंदिर की ओर से महेश ठाकुर ने बताया कि मंदिर में पूजा तो होगी मगर किस तरह श्रद्धालुओं का मंदिर में आना नियंत्रित किया जाएगा, इस पर पुलिस के साथ बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।

राजकुमार बोथरा, मार्गदर्शक,श्री काशी विश्वनाथ सेवा समिति ने कहा कि 50 वर्षों में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि सावन मेला बंद हो गया हो। हमने पहले से कोई तैयारी नहीं की थी क्योंकि कुछ भी तय ही नहीं था, हम सरकार के निर्णय का ही इंतजार कर रहे थे। निर्णय बिल्कुल सही लिया है।

भानीराम सुरेका, हनुमान परिषद मानव सेवा ट्रस्ट ने कहा किसावन के ढाई महीने पहले से ही हम लोगों को सेवा देना शुरू कर देते हैं मगर इस बार हालात अलग हैं। अगर सावन मेला बंद नहीं करते तो सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य नियमों का पालन करना काफी मुश्किल हो जाता। ऐसे में राज्य सरकार का निर्णय एकदम सही है। ˘

चंद्रकांत सराफ, सचिव ने कहा कि प्रेम मिलन  के नाम से तारकेश्वर में उनका कैम्प लगता है और प्रेम मिलन की तरफ से मेडिकल सेवा भी दी जाती है। इस तरह की हालत पहली बार देखने को मिली कि सावन मेले पर ही रोक लगा दी गयी हो। राज्य सरकार ने ​बिल्कुल सही निर्णय लिया है वरना स्थितियां और भयावह हो जातीं।

महावीर रावत, श्री काशी विश्वनाथ सेवा समिति ने कहा कि ऐसी परिस्थिति अपने जीवन में कभी नहीं देखी थी। रात-रात भर हम श्रद्धालुओं को भोजन खिलाते थे मगर इस बार हालात बिल्कुल भिन्न हैं। राज्य सरकार ने सावन मेला बंद करने का निर्णय बिल्कुल सही लिया है।

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