कोरोना के चक्कर में भूल गए अन्य बीमारियों को

अन्य बीमारियों से होने वाली मौत के मामले भी बढ़ने के आसार
कोलकाताः कोरोना वायरस के मामले बड़ी संख्या में बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच अन्य बीमारियों को लोग भूल से गए हैं। हालांकि देश में अन्य बीमारियों से मौत के आंकड़े भी काफी चौंकाने वाले हैं। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्लिनिकों व अस्पतालों को धीरे-धीरे खोलने संबंधी दिशा-निर्देश बार-बार दिए जा रहे हैं।हालांकि अब भी काफी संख्या में निजी क्लिनिक बंद ही हैं। कई टेस्ट तक लोग नहीं करवा पा रहे हैं। टेस्टिंग सेंटर भी कम ही खुल
रहे हैं।
देश में 22% मौत ही मेडिकल सर्टिफाइड
देश में 22 प्रतिशत मौत ही मेडिकल सर्टिफाइ़ड होती है, यानी कि अब भी 78% मौतों का सही कारण पता लगाना मुश्किल सा होता है। वर्ष 2019 में ऑफिस ऑफ रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने भारत में होने वाली मौतों पर एक रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट के अनुसार 2017 में भारत में 70 लाख मौत हुई थी। इसमें केवल 14.1 लाख मौतें ही मेडिकल सर्टिफाइड थीं। इसका सीधा अर्थ है कि 22% मौतें ही मेडिकल सर्टिफाइड थीं। देश में कोरोना के कारण अन्य बीमारियों से होने वाली मौतों में और वृद्धि की संभावना है। द किडनी केयर सोसाइटी के अध्यक्ष व वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ.प्रतिम सेनगुप्ता बताते हैं कि किडनी की बीमारी भी साइलेंट किलर है, इस पर भी वर्तमान में कोई चर्चा नहीं है। अक्सर लोगों के 70 प्रतिशत किडनी प्रभावित होने के बाद ही इसका पता चलता है। किडनी प्रत्यारोपण से लेकर डायलिसिस तक प्रभावित है। संभव है कि बीमारियों का दबाव बढ़ेगा। आंकड़ों की मानें तो राज्य में ही हर साल कैंसर के 85 हजार मामले सामने आते हैं।
एक नजर इन आंकड़ों पर
मौत के कारण कुल मौत मौत (%)
दिल की बीमारी 15.54 लाख 16
सांस की बीमारी 8.33 लाख 8.6
स्ट्रोक 6.56 लाख 6.7
कैंसर 5.54 लाख 5.6
डायरिया 5.19 लाख 5.3
प्रसव के पहले व बाद में मौत 4.45 लाख 4.6
टीबी 3.75 लाख 3.9
(नोटः एक आंकड़े के मुताबिक औसतन)

शेयर करें

मुख्य समाचार

रेणु के कालजयी उपन्यास ‘मैला आंचल’ की मूल प्रति चोरी

'परती परिकथा' और अधूरे उपन्यास 'कागज की नाव' की मूल प्रतियां भी ले गये चोर पटना : हिन्दी उपन्यास साहित्य में आंचलिक धारा के प्रवर्तक फणीश्वरनाथ आगे पढ़ें »

न्यायालय का सिविल सेवा परीक्षा 2020 स्थगित करने से इंकार

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी और देश के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर चार अक्टूबर को होने वाली संघ लोक आगे पढ़ें »

ऊपर