कछुआ और मछली के मरने को छठ से जोड़कर न देखा जाए : फिरहाद

कोलकाता : रवींद्र सरोवर में छठ पूजा को लेकर जिस तरह विवाद बढ़ाया जा रहा है, उस पर राज्य सरकार ने साफ रूख रखते हुए कहा है कि छठ पूजा धर्म और आस्था से जुड़ा मामला है। इससे प्रदूषण फैलने की बात कहने वालों को पता होना चाहिए कि पूजा के बाद पूरा सरोवर साफ कर दिया गया था। जो यह कह रहे हैं कि छठ पूजा की वजह से सरोवर की मछलियां और कछुएं मर गए हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि इस सरोवर में लाखों की संख्या में मछलियां हैं जिनमें से एक दो मछली रोजाना ही मरती हैं। उनके मरने का कारण प्रदूषण नहीं बल्कि प्राकृतिक है। सिर्फ सरोवर ही नहीं बल्कि बाकी तालाबों में भी मछलियां मरती है, कालीघाट महाश्मशान में भी रोजाना शव आते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हो-हल्ला मचाया जाए। एनजीटी के आदेश को लेकर मेयर ने कहा कि हमारी ओर से अपील होगी कि कोई भी फैसला लेने से पहले वास्तविकता जाने, महज किसी की शिकायत को आधार बनाकर निर्णय न सुनाए अन्यथा अन्याय हो जाएगा।
पुलिस सख्त होती तो बिगड़ सकती थी स्थिति
मेयर ने कहा कि यहां पुलिस किसी भी हाल में लाठी नहीं चला सकती, छठव्रतियों पर टीयर गैस नहीं छोड़ सकती है। छठ पूजा के दिन भी पुलिस वहां थी मगर छठव्रतियों के आने के बाद पुलिस सख्त नहीं हुई। उस वक्त अगर पुलिस सख्ती दिखाती तो शायद मारपीट की नौबत आ जाती जो उचित नहीं होता, क्योंकि सभी धर्म का अपना महत्व होता है। छठ पूजा भी उसी में से एक पर्व हैं जिसका सभी सम्मान करते हैं।
आस्था के कारण कुछ लोगों ने की सरोवर में पूजा
कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि यह सच है कि इस बार एनजीटी का आदेश रवींद्र सरोवर के लिए पूरी तरह नहीं माना जा सका, इसका मतलब यह नहीं है कि जानबूझ कर ऐसा कुछ किया गया है। सरोवर की जगह दूसरे घाटों की व्यवस्था की गयी थी जहां भारी संख्या में छठव्रती पूजा करने गए भी थे मगर कुछ लोग जो यह मानते है कि छठ घाट बदला नहीं जा सकता वे सरोवर में ही आये थे।
प्रकृति प्रेमियों ने क्यों नहीं की जागरूकता में मदद
मेयर ने कहा कि रवींद्र सरोवर गंदा हो गया है, कोर्ट में मामला किया जाएगा ऐसा कहने वाले तथाक​थित प्रकृति प्रेमी होने का दावा कर रहे है, वे उस दिन कहां थे जब लोगों को दूसरे घाटों पर जाने की जानकारी दी जा रही थी। उस दिन अगर वे लोग आम जनता के बीच पहुंच कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देते तो बेहतर होता। ऐसा न करके ये लोग कोर्ट में मामला करने के लिए दौड़ रहे हैं ताकि उनका नाम हो। इन लोगों को पता होना चाहिए कि ममता बनर्जी सबसे बड़ी प्रकृति प्रेमी हैं, जो राजनीति के लिए नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आती है।
मीडिया का एक वर्ग फैला रहा है गंदगी
मेयर ने आरोप लगाया है कि छठ पूजा को लेकर मीडिया का एक वर्ग गंदगी फैला रहा है। छठ पूजा के बाद सुबह 9 बजे तक पूरा सरोवर साफ कर दिया गया था यह उन्हें दिखायी नहीं दिया सिर्फ गंदगी दिखी। रवींद्र सरोवर ही नहीं, बाकी घाटों में भी पूजा के बाद सफाई की गयी यह मीडिया के इस वर्ग को दिखाना चाहिए था।

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