उड़ानों के बंद रहने से मचा है यात्रियों में हाहाकार

कोलकाता : साप्ताहिक कंप्लीट लॉकडाउन में एयरपोर्ट को बंद रखे जाने का यात्रियों ने विरोध किया है। इनका कहना है कि इससे उन्हें वित्तीय नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही मेंटल हैरेसमेंट से भी गुजरना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि जब-तब अचानक हुए इस लॉकडाउन से उन्हें अपना टिकट रद्द करना पड़ रहा है, इससे काफी परेशानी हो रही है। इस तरह उड़ानों के बंद होने से यात्रियों में हाहाकार मच गया है। वहीं यात्रियों के सामने एक और बड़ी समस्या आ सकती है क्योंकि 6 शहरों से आने वाली उड़ानों पर आगे भी पाबंदी जारी रह सकती है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद व नागपुर 6 एयरपोर्ट्स से कोलकाता आने वाली उड़ानों पर राज्य सरकार की ओर से 31 जुलाई तक रोक है। अब खबर आ रही है कि 31 जुलाई के बाद इस पाबंदी के और बढ़ने की संभावना है। ट्रैवेल एजेंट्स की मानें तो राज्य सरकार के इस निर्णय से यात्रियों के साथ-साथ एयरलाइंस व ट्रैवेल एजेटों की भी परेशानी बढ़ी है। उड़ानें कोलकाता नहीं आने के कारण एयरलाइंस कोलकाता से इन स्थानों के लिए भी उड़ानें संचालित नहीं कर रही है। इससे यहां से न या​त्री उन स्थानों पर डायरेक्ट पहुंच पा रहे हैं और न उन स्थानों से सीधे यहां आ पा रहे हैं।
पानी पीकर दिन गुजारने को मजबूर हुए एयरपोर्ट पर फंसे यात्री
पलता के रहने वाले बापी विश्वास को कोलकाता से पोर्ट ब्लेयर जाना है। ऐसे में बुधवार की सुबह का उनका टिकट था लेकिन लॉकडाउन के कारण यह रद्द हो गया। उन्हें यह पता था कि लॉकडाउन है लेकिन एयरलाइंस द्वारा कोई मैसेज नहीं मिलने के कारण वे एयरपोर्ट चले आये। यात्री के मुताबिक पलता से 2000 रुपये में एक कार हायर कर वे एयरपोर्ट पहुंचे। इसमें उन्हें 4 घंटे का समय लग गया। उड़ान बंद होने के कारण वे दुबारा नहीं लौट सकते। उनके मुताबिक उनका लॉडरी का छोटा व्यवसाय था लेकिन लॉकडाउन में इसे बंद करना पड़ा। अब नौकरी की तलाश में पोर्ट ब्लेयर अपना भाग्य आजमाने जा रहे हैं। उनके लिए फिर से घर वापस जाना और फिर वाहन हायर कर वापस आना, वित्तीय रूप से संभव नहीं है। इसलिए वे एयरपोर्ट पर ही रुक गये। वहीं पोर्ट ब्लेयर जाने के लिए कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे आशुतोष राय ने बताया कि पूरा दिन पानी पीकर बिताया है क्योंकि लॉकडाउन में सारी दुकानें बंद थीं।
अन्य शहरों में लॉकडाउन में भी खुला रहता है एयरपोर्ट
कुछ यात्रियों का कहना है कि जब बंगलुरु व अन्य स्थानों पर लॉकडाउन किया गया था तब वहां उड़ान परिसेवाएं चालू थीं। सिर्फ यहां पर ही अलग नियम क्यों किया गया। जिन लोगों ने 2 से 3 महीने पहले टिकट बुक कराये थे, अब वे कहां जाएं। लॉकडाउन में इतना नुकसान कैसे कोई सहन कर पाएगा।

शेयर करें

मुख्य समाचार

लगभग पांच महीने के बाद स्क्वाश खिलाड़ियों ने शुरू किया अभ्यास

चेन्नई : भारत की शीर्ष महिला स्क्वाश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने कोविड-19 महामारी के कारण लगभग पांच महीने के बाद सोमवार को भारतीय स्क्वाश अकादमी आगे पढ़ें »

थॉमस और उबेर कप बैडमिंटन फाइनल्स में भारत को मिला आसान ड्रा

नयी दिल्ली : भारत को डेनमार्क के आरहूस में तीन से 11 अक्टूबर तक होने वाले थॉमस और उबेर कप बैडमिंटन फाइनल्स में आसान ड्रा आगे पढ़ें »

ऊपर