आम लोगों की थालियों से गायब हो रही हैं सब्जियां

सब्जियों की कीमतें उछाल पर, हो गयी है दोगुनी कीमत, सप्लाई स्वाभाविक होने में लग सकते हैं एक महीने
मधु सिंह,कोलकाता : अम्फान के 15 दिन बीत गये हैं मगर तबाही से हुए नुकसान के घाव अब भी हरे हैं। कई जगहों की स्थिति तो बदतर है ही, इसके साथ ही सब्जियों की कीमतें भी अब तक आसमान पर हैं। गत 20 मई को अम्फान महाचक्रवात ने कोलकाता व आस-पास के जिलों में तबाही मचायी थी। इसके बाद ही अचानक सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल आ गया जो अब तक जारी है। कई लोग तो सब्जियों के बजाय दाल या अण्डे से भी काम चलाने की सोचने लगे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे आम लोगों की थैलियों से सब्जियां गायब हाेती जा रही हैं। बताया जा रहा है कि सब्जियों की कीमतें पूरी तरह स्वाभाविक होने में अभी 15 दिन से एक महीने तक का समय लग सकता है।
खेत डूबे पानी में, सप्लाई में हो रही मुश्किल
फोरम ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के महासचिव रवींद्र कोले ने बताया कि अम्फान के कारण जिलों में अब तक खेत पानी में डूबे हुए हैं। इस कारण जिलों से सब्जियों की सप्लाई आने में दिक्कत हो रही है। मुख्यतः उत्तर व दक्षिण 24 परगना से सब्जियां कोलकाता आती हैं। बशीरहाट, भांगड़, कैनिंग समेत उत्तर व दक्षिण 24 परगना के विभिन्न जिलों से सब्जियों की आने वाली सप्लाई को लगभग 50% तक नुकसान पहुंचा है।
बाहर सप्लाई होने वाली सब्जियों काे भेजा जा रहा कोलकाता
वेस्ट बंगाल वेंडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल दे ने कहा, ‘बाहरी राज्यों में जो सब्जियां सप्लाई होती थीं, वह फिलहाल काफी कम हो गयी है। पहले जहां एक-एक इलाके से रोजाना 200-250 ट्रक बाहरी राज्यों में जाते थे, वहीं अब केवल 15-20 ट्रक ही जा रहे हैं। बनगांव से पहले जहां रोज 200 ट्रक बाहर जाते थे, वहीं अब केवल 15 ट्रक जा रहे हैं। इस कारण लगभग 60% सब्जियां नष्ट हो रही थीं। ऐसे में बची हुई सब्जियों को कोलकाता के बाजारों में लाकर सप्लाई की समस्या को काबू किया जा रहा है।’
बाहरी राज्यों में सप्लाई होने वाली सब्जियां
कोलकाता से मुख्यतः बिहार, यूपी, दिल्ली, मद्रास आदि राज्यों में सब्जियों की सप्लाई की जाती है। पटल, झींगा, भिंडी, बैगन, करेला व हरी मिर्च की सप्लाई बाहरी राज्यों में होती है।
एक नजर सब्जियों की कीमतों पर
सब्जियां अब पहले (रु.प्रति किलो में)

झींगा 40 30

पटल 40 20

बैंगन 80 30-40

ओल 80 40-45

भिंडी 40 25

टमाटर (40-60) (25-30)

कुम्हड़ा 30 20

पपीता 40 20

मिर्चा 80 (50-60)

सहजन डाठ 100( 50-60)

खीरा (60-80) (25-30)
खाद्यान्नों के दाम हुए कम
सन्मार्ग संवाददाताकोलकाता : एक तरफ सब्जियों की कीमतें बढ़ गयी हैं तो दूसरी तरफ खाद्यान्नों के दाम कम हो गये हैं। इसका कारण बताया जा रहा है कि अनलॉक 1 के बाद परिवहन व्यवस्था में कुछ सुधार आया है। इसके साथ ही सप्लाई भी आसानी से हो रही है जिस कारण खाद्यान्नाें के दामों में कमी आयी है। मानिकतला मार्केट व्यवसायी समिति के विजय साव ने बताया कि पहले कॉस्मेटिक्स की सप्लाई में काफी मुश्किल हो रही थी, लेकिन अब ये भी धीरे – धीरे स्वाभाविक की ओर है। कुछ इस तरह हैं खाद्यान्नों की कीमतों में आयी कमी –
खाद्यान्न अब -पहले (रु.प्रति किलो में)

आटा (28-30 )32

मैदा 30 32

सरसो तेल 105 110

अरहर दाल (90-100) (110-120)

बड़ा मसूर (75-80) (85-90)

छोटा मसूर (100-110) (110-120)

सोना मूंग 140 150

शेयर करें

मुख्य समाचार

मैं गरीबों की मदद कर रहा था, इमरान के मंत्री छुट्टियां मना रहे थे : अफरीदी

इस्‍लामाबाद : शाहिद अफरीदी ने इशारों में इमरान खान सरकार पर निशाना साधा। अफरीदी के मुताबिक, इमरान सरकार में एकता की कमी है और ये आगे पढ़ें »

अक्टूबर तक फिर रिंग में लौट आयेंगे विजेंदर

नयी दिल्ली : पिछले छह महीने से रिंग से दूर भारत के स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह को अगले तीन महीने में रिंग में उतरने की आगे पढ़ें »

ऊपर