आज महालया, गंगा घाटों पर पुलिस के पुख्ता इंतजाम

कोलकाता: आज यानी 17 सितम्बर को महालया है। महालया से दुर्गा पूजा की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस बार महालया के 35 दिनों बाद दुर्गा पूजा की शुरुआत होगी। आज विभिन्न घाटों पर पितरों को तर्पण दिया जाएगा। बंगाल के लोगों के लिए महालया का विशेष महत्व है और वह साल भर इस दिन की प्रतीक्षा करते हैं। महालया के साथ ही जहां एक तरफ श्राद्ध खत्म हो जाते हैं, वहीं मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां दुर्गा कैलाश पर्वत से धरती पर आगमन करती हैं। अगले 10 दिनों तक यहीं रहती हैं, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो पा रहा है।

तर्पण के लिए निगम ने जारी किए कई नियम

इस साल होने वाली दुर्गापूजा कुछ अलग हटकर होगी। आम तौर पर महालया के दूसरे दिन यानी पितर तर्पण के बाद से देवी पाठ की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस साल महालया के एक माह के बाद यानी 17 अक्टूबर से दुर्गापूजा की शुरुआत होगी। वहीं विजयादशमी 26 अक्टूबर को है। हर वर्ष महालया, सर्व पितृ अमावस्या के दिन होता है। सर्व पितृ अमावस्या और महालया इस बार 17 सितंबर (गुरुवार) को है। वहीं महालया में अधिक भीड़ ना हो, इसके लिए आज सुबह दक्षिणेश्वर मंदिर काे बंद रखा जाएगा। बैरकपुर कमिश्नरेट के सीपी मनोज वर्मा ने बताया कि आज सुबह मंदिर बंद रहेगा। मंदिर प्रबंधन से बात कर ऐसा निर्णय लिया गया है ताकि कोरोना काल में अधिक भीड़ ना जुटे। बाकी के गंगा घाटों पर भी लोग अधिक भीड़ ना जुटायें, इसकी अपील भी सीपी ने की।

37 घाटों पर पुलिस की व्यवस्था महालया के अवसर पर महानगर के गंगा घाटों पर पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बुधवार से ही गंगा घाटों पर सफाई के साथ नदी के अंदर सीढ़ियों को जाल के जरिए घेरा गया है। पुलिस की ओर से कोरोना के मद्देनजर गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग की गयी है। साथ ही महानगर के सभी गंगा घाटों पर नाव तैनात की गयी हैं ताकि तर्पण करते वक्त अगर कोई डूबता है तो उसे समय रहते बचाया जा सके। डीसी पोर्ट सैयद वकार राजा ने बताया कि इस साल कोरोना के मद्देनजर गंगा घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए सुबह से ही सैकड़ों पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।

घाटों पर माइकिंग कर लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए अपील की जाएगी। 37 गंगा घाटों पर पुलिस की व्यवस्था रहेगी। बड़े घाटों पर जाल लगाए गए हैं। इसके अलावा बैरिकेडिंग एवं गार्डरेल लगाए गए हैं। सभी घाटों पर नाव के अलावा 2 स्पीड बोट एवं जेटस्की भी तैनात रहेंगे।

अधिक मास के कारण 35 दिनों बाद दुर्गा पूजा हिन्दू शास्त्रों में दुर्गापूजा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में होती है, लेकिन इस बार दो अश्विन माह हैं। एक शुद्ध तो दूसरा पुरुषोत्तम यानी अधिक मास। 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अधिक मास रहेगा। वहीं 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक शुद्ध आश्विन माह होगा। इस दौरान ही 17 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक मां दुर्गा की पूजा की जाएगी। अधिक मास चंद्र वर्ष का एक अतिरिक्त भाग है जो 32 माह 16 दिन आठ घंटे के अंतर से मलमास का निर्माण करता है। सूर्य वर्ष 365 दिन छह घंटे का होता है तथा चंद्र वर्ष 354 का माना जाता है। यही 11 दिनों का अंतर तीन साल में एक माह के लिए होता है जो अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहलाता है।

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