आइये जानते हैं, क्यों नहीं हो रही है मेट्रो में यात्रियों की भीड़

 

कोलकाता : विश्व भर में प्रख्यात बंगाल की दुर्गापूजा में अब लगभग एक महीना ही शेष रह गया है। इस मौके पर हजारों करोड़ रुपये का व्यवसाय होता है जिसमें शॉपिंग से लेकर अन्य सभी चीजें शामिल हैं। यूं तो प्रत्येक वर्ष दुर्गापूजा के 2 महीने पहले से ही मार्केटों में शॉपिंग के लिए लोगों की अच्छी – खासी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार समय कुछ अलग है। कोरोना काल है और इस कारण गत मार्च महीने से लगभग 5 महीने लॉकडाउन के बाद अनलॉक हुआ। इसमें परिवहन से लेकर बाजार तक खुले। गत सोमवार से कोलकाता की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो भी चालू हो गयी, लेकिन भीड़ काफी कम हो रही है। लॉकडाउन से पहले तक हर रोज जिस मेट्रो में लगभग 6 लाख लोग यात्रा करते थे, उस मेट्रो में अब दिन भर में केवल 27,100 ही यात्रियों ने यात्रा की।  जबकि ईस्ट-वेस्ट मेट्रो में केवल 99 लोग ने सफर किया। ऐसे में सवाल लाजमी है कि इतनी कम भीड़ का आखिर कारण क्या है ?
आ​खिरी मेट्रो का समय बढ़ाना अत्यंत आवश्यक
मेट्रो में रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना है कि आखिरी मेट्रो चलाये जाने का समय बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में दुर्गापूजा के कारण हर रोज रात 10 बजे तक सारे मार्केट खुले रह रहे हैं और लोग मार्केटिंग कर घर की ओर उसी समय लौटते हैं। ऐसे में अंतिम मेट्रो 7 बजे तक ही रहने के कारण मेट्रो में अधिक भीड़ नहीं हो पा रही है।
ऐप के झमेले में नहीं पड़ना चाहते अधिकतर लोग
मेट्रो में हर वर्ग के लोग सफर करते हैं। एक हॉकर से लेकर गृहवधू और हाई क्वालीफाइड लोग भी इसमें यात्रा करते हैं। इनमें से जानकार लोग ताे आसानी से मेट्रो के ऐप का इस्तेमाल कर ई पास निकाल लेते हैं, लेकिन काफी लोग ऐसे भी हैं जिन्हें ई पास की कोई जानकारी नहीं है। कुछ ऐसे भी लाेग हैं जिनके पास जानकारी तो है, लेकिन जान कर वे ऐप के झमेले में नहीं जाना चाहते हैं। ऐसे में वह भीड़ बसों और अन्य साधनों की ओर चली जा रही है। यही कारण है कि मेट्रो में लोगों की भीड़ कम हो रही है। इस काम में अपना घंटों समय बर्बाद करने से बेहतर है कि हम किसी अन्य साधन का उपयोग कर लें।
ऐप का ज्ञान नहीं होने के कारण कर रहे हैं दूसरे साधनों का उपयोग
बागुईआटी की रहने वाली प्रीति सिंह ने बताया कि ऐप के जरिये ई पास निकालना एक मुश्किल का काम है। बिना पढ़े – लिखे लोग यह काम नहीं कर सकते हैं। ऐसे में हम बस या अन्य साधनों से ही निकल जाते हैं।
सुबह से ही लगना होता है इसमें
दमदम की रहने वाली मृणालिनी सरकार ने बताया कि हमारे पास बहुत काम होते हैं, मुझे ऑफिस के लिए 11 बजे निकलना भी होता है। ऐसे में सारे काम छोड़ मुझे ई पास निकालने के लिए सुबह 7 बजे से लगना होगा।
यह एक टेंशन भरा काम है इसलिए मैं बस से ही ऑफिस चली जाती हूं।

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