अमर्त्य सेन के बयान ने फिर खड़ा किया विवाद

अब ‘जय श्री राम’ को बताया बंगाल की संस्कृति से परे

दिलीप घोष ने दिया जवाब, कहा – बंगाल के बारे में नहीं जानते अमर्त्य

कोलकाता : नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के बयान ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। अमर्त्य सेन ने कहा है कि जय श्री राम का नारा बंगाल की संस्कृति से जुड़ा नहीं है ​जिसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा है ​कि जय श्री राम का नारा आजकल लोगों को मारने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इसका बंगाल की संस्कृति से कोई लेना – देना नहीं है। भाजपा पर एक तरह से चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने इससे पहले कभी जय श्री राम का नारा नहीं सुना था। इसका इस्तेमाल अब लोग एक – दूसरे को मारने के लिए कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इसका बंगाल की संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है। आजकल कोलकाता में राम नवमी काफी बड़े पैमाने पर मनायी जा रही है जबकि ऐसा पहले नहीं होता था। मैंने अपनी 4 वर्षीया पोती से पूछा ​कि उसकी पसंदीदा देवी कौन है तो उसने मां दुर्गा कहा। मां दुर्गा के महत्व की तुलना राम नवमी से नहीं की जा सकती है।’
अमर्त्य सेन के इस बयान का जवाब देते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने उन पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘अमर्त्य सेन बंगाल के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। क्या उन्हें बंगाली अथवा भारतीय संस्कृति के बारे में कुछ पता है ? अब हर गांव में जय श्रीराम का नारा गूंज रहा है, पूरा बंगाल जय श्रीराम कह रहा है और राम नवमी मना रहा है।’ वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल राय ने कहा कि वह श्रद्धेय व्यक्ति हैं, लेकिन मैं उनके बयान का समर्थन नहीं करता हूं। जय श्री राम के नारे से पूरे देश के साथ बंगाल की जनता में ऊर्जा आती है, इसलिए जनता ने इस नारे को चुन लिया है। इस नारे के खिलाफ तृणमूल जिस तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है, वह शर्मनाक है।
गत विधानसभा चुनाव में 12 सीटें हारने के बाद सत्ताधारी तृणमूल और भाजपा पूरी तरह आपस में भिड़ गये हैं। चुनावी नतीजों ने तृणमूल के लिए खतरे का सिग्नल दिया जिस कारण ममता बनर्जी नीत सरकार राज्य में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकने की काफी कोशिश कर रही है। जय श्री राम और जय हनुमान के नारे दोनों पार्टियों के बीच विवाद का विषय बन गये हैं। तृणमूल ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ा रही है तो वहीं भाजपा की ओर से दावा किया गया कि तृणमूल पश्चिम बंगाल को पश्चिम बांग्लादेश बनाने की कोशिश में है ​​जिस कारण राज्य में घुसपैठियाें को बढ़ावा दिया जा रहा है। इधर, ममता बनर्जी को आये दिन विभिन्न कार्यक्रमों में जय श्री राम के नारे का सामना करना पड़ रहा है। हाल में महेश की रथ यात्रा में भी मुख्यमंत्री को जय श्री राम के नारे का सामना करना पड़ा था।

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