अब भी अलर्ट नहीं हुए तो खतरे के लिए रहें तैयार : मेयर

मेयर ने कहा : माइक्रो प्लानिंग को पहुंचाना होगा माइक्रो लेबल तक
कोलकाता : कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव को रोकने के लिए लॉकडाउन 3.0 के शुरु होने के साथ ही कोलकाता नगर निगम मुख्यालय में भी हलचल शुरु हो गई है। सोमवार को मेयर फिरहाद हकीम ने कोरोना प्रभावित 40 वार्डों के पार्षदों के साथ प्रशासनिक बैठक की। बैठक के बाद मेयर ने बताया कि पाषर्दों से उनके इलाकों में कोरोना वायरस के प्रभाव को कम कर पाने असफल क्यों हो रहे है इसकी जानकारी ली गयीं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कई पार्षद हैं जिनके इलाके में माइकिंग सही तरीकें से नहीं हो रही है, बस्ती इलाकों में निगरानी नहीं है, चिकित्सा पर कार्य नहीं किया जा रहा है अगर ऐसे चलता रहा तो हमलोग कभी भी रेड जोन से ग्रीन जोन में वापस नहीं आ सकते हैं। सभी पार्षदों को सुझाव दिया गया है कि वह अगर माइक्रोप्लानिंग योजना के तहत कार्य नहीं करते है तो चाह कर भी कितनी भी योजनाएं तैयार कर ली जाएं कुछ नहीं किया जा सकता है। माइक्रोप्लानिंग योजना ऐसी है कि अगर सभी पार्षद मिलकर कार्य नहीं करते हैं तो कोरोना की जंग को जीत पाना असम्भव हो जाएगा।
पार्षदों को मेयर ने कहा : सुधर जाइये
मेयर फिरहाद हकीम ने सभी पार्षदों को अपने इलाकों की समस्या की तालिका तैयार कर तुरंत कार्य करने का निर्देश दिया है। मेयर ने कहा कि अभी भी समय है आपलोग सुधर जाइये वरना कुछ वार्डों की समस्या की वजह से सबकी परेशानी बढ़ेगी। आपलोग सक्रिय होकर कार्य करें और कोई समस्या होने पर तुरंत मुझे जानकारी दें। कोलकाता पुलिस, डॉक्टर की सहायता करें ताकि समस्या से निपटा जा सकें।
क्या कहा पार्षदों ने
वार्ड 23 के पार्षद विजय ओझा ने बताया उन्होंने मेयर को सुझाव दिया कि सिर्फ माइक्रो प्लानिंग से कुछ नहीं होगा कोरोनाग्रस्त इलाके को पूरी तरीके से सील करना उपाय होगा। वार्ड 58 के पार्षद व परिषद के सदस्य स्वप्न समद्दर ने बताया कि बस्तियों में सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो रहा उन इलाकों विशेष निगरानी रहेगी साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। वार्ड 24 की पार्षद एलोरा साहा ने बताया कि आने और सख्ती के साथ कार्य किया जाएगा।
इधर वार्ड 22 की पार्षद मीना देवी पुरोहित ने भेदभाव का आरोप लगाया और कहा कि मुझे तो बैठक में बुलाया तक नहीं गया। कोरोना जैसी महामारी में भी राजनीति की जा रही है। मेयर को इसका जवाब देना ही होगा।
इन कार्य पर विशेष जोर
– माइक्रोप्लानिंग के तहत सख्ती से हो कार्य
– जागरूकता के साथ ही माइकिंग आवश्यक
– जमीनी स्तर पर हर मामले की हो जांच
– बुखार व अन्य बीमारियों की सख्ती से हो जांच
– सीविक वलेंटियर से ली जाए जानकारियां
– रेड जोन में इतनी सख्ती की जाए की कोई बाहर का अंदर प्रवेश ना कर पाएं
वार्डों पर एक नजर
3, 18, 21, 24, 28, 27, 31, 39, 44, 47,50,55,56,57, 58 के साथ ही कई वार्ड शामिल है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

rape

बुजुर्ग तांत्रिक ने नाबालिग बच्ची के साथ किया दुष्कर्म,‌ फिर…

अमरोहाः उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बच्ची के साथ आगे पढ़ें »

जब मनचले ने लेडी पुल‍िस से कहा, ‘इतनी पतली हो, रायफल कैसे संभालती हो!

फरीदपुरः उत्तर प्रदेश में महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले दिन रोज बढ़ रहे है। अब तो मनचले बदमाशों का इतना साहस बढ़ गया है कि आगे पढ़ें »

ऊपर