राजभर उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल से बर्खास्त, तुरंत पदमुक्त किये गये

राज्य मंत्री का दर्जा रखने वाले सुभासपा के अन्य सदस्य भी कैबिनेट से हटाये गये।। राजभर ने कहा-गरीबों के साथ हो रहा था अन्याय, यह फैसला 20 दिन पहले लिया होता तो अच्छा था।।
लखनऊ : सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं विकलांग जन विकास मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बर्खास्त करने की सिफारिश पर राज्यपाल राम नाइक ने उन्हें तुरंत पदमुक्त कर दिया है। उधर, बर्खास्तगी के बाद राजभर ने पत्रकारों से कहा कि हम फैसले का स्वागत करते हैं। मुख्यमंत्री जी ने फैसला देर में लिया है। फैसला 20 दिन पहले ले लिया होता तो और अच्छा होता। योगी ने यह साबित कर दिया है कि गरीबों की जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं, उसे वे नहीं मानते। गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है। मालूम हो कि राजभर अपने विवादस्पद बयानों को लेकर काफी अरसे से योगी सरकार के सामने लगातार परेशानी खड़ी कर रहे थे।
सरकारी सूत्रों प्रवक्ता ने बताया कि सुभासपा के अन्य सदस्य जो राज्य मंत्री का दर्जा रखते हैं, उन्हें भी तुरंत कैबिनेट से हटा दिया गया है। मालूम हो कि राजभर ने हाल ही में लोकसभा चुनाव में भी भाजपा के खिलाफ कड़ी बयानबाजी की थी। राजभर को मनाने के लिए भाजपा के शीर्ष नेताओं से उनकी मुलाकात भी होती रही लेकिन वे नहीं माने और लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के खिलाफ उत्तर प्रदेश में 39 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिये। राजभर ने हाल ही में योगी को पत्र लिखकर मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की बात कही थी और कहा था कि मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था। बर्खास्त कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश के बेटे और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के चेयरमैन अरविंद राजभर ने कहा कि भाजपा उनको गुलाम बनाकर रखना चाहती थी, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। मुख्यमंत्री को 13 अप्रैल को सभी पदों पर मौजूद पार्टी के सदस्यों ने इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन उन्हें लोकसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद बर्खास्त किया गया। हम सब खुद चाहते थे कि भाजपा सरकार से छुटकारा मिले ताकि हम अपने दल को सशक्त बना सकें। सोमवार को जिन अन्य लोगों को बर्खास्त किया गया है उनमें वे स्वयं, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग के सदस्य गंगा राम राजभर और वीरेंद्र राजभर, उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के सदस्य सुदामा राजभर, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के अध्यक्ष राणा अजीत प्रताप सिंह, राष्ट्रीय एकीकरण परिषद के सदस्य सुनील अर्कवंशी और राधिका पटेल शामिल हैं।
इधर, राजभर की बर्खास्तगी के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा है कि भाजपा गठबंधन धर्म निभाने व अपने सहयोगियों का पूरा सम्मान एवं भागीदारी करने वाला दल है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे गठबंधन सहयोगी रहे राजभर ने हर कदम पर गठबंधन धर्म की मर्यादा का न केवल उल्लंघन किया बल्कि उसे तार-तार किया।

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