गृहबंदी से बन कर रह गये हैं मुलायम

नयी दिल्ली : कभी कद्दावर नेता रहे और समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह की आज यह स्थिति है कि वे एक तरह से घर में बंद हो कर रह गये हैं। इतना ही नहीं उन पर नजरदारी की जा रही है। सपा के एक सूत्र के अनुसार पार्टी हलकों में सपा परिवार के मामलों में मुलायम सिंह की वर्तमान खामोशी के बारे में इन दिनों चार सवाल पूछे जा रहे हैं। अपने बेटे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अलग होने के बाद उन्होंने बेटे के खिलाफ कई टिप्पणियां कीं जिनमें उन्होंने उनको मुसलमान विरोधी और राजनीतिक दृष्टि से अज्ञानी तक कह डाला। जब पारिवारिक कलह काफी बढ़ गया तो अखिलेश ने चतुराई से काम लेते हुए मुलायम की दूसरी पत्नी के बेटे प्रतीक की पत्नी यानी नेताजी की बहू अपर्णा बिस्ट (यादव) को मेरठ कैंट से विधानसभा का टिकट दे दिया। सपा के भीतरी सूत्रों का कहना है कि इसमें अखिलेश और अपर्णा के बीच एक समझौता हुआ है। अखिलेश ने अपर्णा से कहा है कि वे अपने ससुर को काबू में रखें, उन्हें घर तक ही सीमित रखें और इस बात का ध्यान रखें कि वे प्रेस के सामने मुंह ना खोलने पायें।
अब पत्रकारों को भी इस बात का एहसास हो गया है कि मुलायम पहले जैसे नहीं रहे। अब वह पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं देते। वे अगर आते भी हैं तो लिखा हुआ बयान लेकर और उसे पढ़ कर पत्रकारों के सवालों का जवाब देने की जहमत उठाये बगैर आनन-फानन वहां से चले जाते हैं। वाकई यह आश्चर्यजनक है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर अखिलेश अपने पिता को लेकर इतना गंभीर क्यों हैं। उन्हें लगता है कि अगर वे प्रेस से खुलेआम सपा और कांग्रेस के गठबंधन के खिलाफ कुछ बोलते हैं तो इसका चुनावी लाभ बसपा सुप्रीमो मायावती या भाजपा को मिल जायेगा। सूत्रों का कहना है कि अखिलेश के चलते मुलायम की बहू अपर्णा इन दिनों काफी दबाव में हैं।

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