…तो क्या कुलदीप यादव के साथ हो रही नाइंसाफी?

नई दिल्लीः टीम इंडिया के ‘चाइनामैन’ गेंदबाज कुलदीप यादव ने बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव टेस्ट मैच में कमाल का खेल दिखाया है। कुलदीप ने पहले बल्ले से 40 रनों की पारी खेली, फिर गेंदबाजी में भी यादगार प्रदर्शन किया। कुलदीप ने बांग्लादेश की पहली पारी में 5 विकेट चटकाए। कुलदीप ने तीसरी बार टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। कुलदीप यादव ने अपनी शानदार बॉलिंग के दौरान शाकिब अल हसन और मुश्फिकुर रहीम जैसे प्लेयर्स को चलता किया। दोनों ही खिलाड़ियों को उन्होंने अपनी फ्लाइट से बीट किया। नुरुल हसन, ताइजुल इस्लाम और इबादत हुसैन कुलदीप के बाकी तीन शिकार थे। कुलदीप की बॉलिंग का ये नतीजा रहा कि बांग्लादेश की टीम पहली पारी में 150 रनों पर ही सिमट गई और वह फॉलोऑन भी नहीं बचा पाई। हालांकि भारत ने मेजबान टीम को फॉलोऑन देने की बजाय पहले बैटिंग करना उचित समझा।

22 महीने बाद खेल रहे टेस्ट मैच

देखा जाए तो कुलदीप यादव को खासकर टेस्ट क्रिकेट में उतने मौके नहीं मिले है। वह एक तरह से टीम इंडिया के तीसरे/चौथे स्पिनर बनकर रह गए हैं। उन्हें तभी मौका मिल पाता है, जब एक अतिरिक्त स्पिनर की आवश्यकता होती है। इस मुकाबले में भी उन्हें तीसरे स्पिनर के तौर पर टीम में लिया गया है। कुलदीप यादव ने 5 साल में सिर्फ 8 टेस्ट खेले हैं। इससे पहले कुलदीप ने आखिरी टेस्ट मैच फरवरी 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। यानी 22 महीने के बाद वह टेस्ट खेलने उतरे हैं।

2017 में टेस्ट डेब्यू करने वाले कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 में जगह बनाने के लिए शुरू से ही रवींद्र जडेजा और आर. अश्विन के साथ प्रतिस्पर्धा करना पड़ रहा है। ये सही है कि अश्विन और जडेजा का प्रदर्शन बढ़िया रहा है लेकिन कुलदीप को जाहिर तौर पर उतने मौके नहीं मिले हैं। कुलदीप अबतक 8 टेस्ट मैचों में 31 विकेट ले चुके हैं, जो काफी शानदार कहा जा सकता है।

 

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

46वें अंतरराष्ट्रीय में अमेरिकी पैवेलियन कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन

कोलकाता : अमेरिकी महावाणिज्यदूत मेलिंडा पावेक ने 46वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में अमेरिकी पैवेलियन का उद्घाटन किया। इस वर्ष मंडप की थीम डीईआईए (विविधता, आगे पढ़ें »

गांजा तस्करी के आरोप में अभियुक्त को 3 साल कैद की सजा

कोलकाता : गांजा तस्करी के आरोप में अदालत ने एक तस्कर को दोषीठहराते हुए 3 साल कैद की सजा सुनायी है। अलीपुर कोर्ट के अतिरिक्त आगे पढ़ें »

ऊपर