स्मृति की आतिशी पारी से भारत की धमाकेदार जीत, सीरीज में की बराबरी

महिला टीम ने द. अफ्रीका को 9 विकेट से रौंदा

लखनऊ : तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी (42 रन पर चार विकेट) की घातक गेंदबाजी के बाद स्मृति मंधाना (80 नाबाद) और पूनम राउत (62 नाबाद) के बीच 138 रनों की नाबाद भागीदारी की बदौलत भारतीय लड़कियों ने पलटवार करते हुये दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 मैंचों की एकदिवसीय क्रिकेट सीरीज के दूसरे मैच में मंगलवार को नौ विकेट से धमाकेदार जीत अर्जित की। अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर दक्षिण अफ्रीका पहले खेलते हुये 41 ओवर के खेल में 157 रन पर सिमट गयी। जवाब में भारतीय महिला टीम ने विजयी लक्ष्य को 28.4 ओवरों में हासिल कर श्रृखंला को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। स्मृति ने अपनी नाबाद पारी में मात्र 64 गेंदो पर 80 रन बनाये, जिसमें उनके 10 चौके और 3 छक्के शामिल हैं। इससे पहले भारतीय कप्तान मिताली राज ने टास जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण के फैसला किया जिसे सही ठहराते हुये झूलन गोस्वामी (42 रन पर चार विकेट), मानसी जोशी (23 रन पर दो विकेट) और राजेश्वरी गायकवाड़ (37 रन पर तीन विकेट) मेहमान टीम के बल्लेबाजों को विकेट पर जमने नहीं दिया। भारतीय गेंदबाजों के आक्रामक अंदाज के चलते दक्षिण अफ्रीका की आधी टीम दहाई के स्कोर तक भी पहुंचने में असफल रही।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से ही मिलेगी जगह : झूलन
भारतीय तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का मानना है कि लगातार अच्छे प्रदर्शन के साथ फिटनेस का ऊंचा स्तर भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बने रहने के लिये जरूरी है। गोस्वामी महिला क्रिकेट में सर्वाधिक 231 विकेट ले चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत के लिये खेलना मेरे लिये सबसे बड़ी प्रेरणा है। इससे इतर किसी प्रेरणा की जरूरत नहीं है। अगर आप हर दिन अपना प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ नहीं रख सकते तो टीम में बने रहने के हकदार नहीं है। फिटनेस का स्तर बनाये रखना और मैदान पर शानदार प्रदर्शन करना जरूरी है। यह आसान नहीं है। जब मैने टी-20 क्रिकेट से संन्यास लिया, तब सबसे अहम बात एक ही प्रारूप पर फोकस करने की थी। मेरे लिये फिटनेस का स्तर बनाये रखना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद मैने प्रतिदिन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश की। लॉकडाउन के दौरान काफी मेहनत की। भारत के लिये खेलना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि, जिम्मेदारी और काम है।

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