रावलपिंडी की इन दो औरतों से परेशान थे शोएब अख्तर, किया ये खुलासा

नई दिल्लीः पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर अपने जमाने के सबसे खतरनाक बॉलर में से एक रहे हैं। उनकी गेंदों की रफ्तार से दिग्गज बल्लेबाज भी खौफ खाते थे। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद शोएब अपने बयानों से सुर्खियों में बने रहते हैं। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक किस्सा साझा किया है। शोएब अख्तर ने खुलासा किया है कि रावलपिंडी के लिए ट्रायल देते समय उनकी प्रतिभा पर सवाल उठाया गया था। उन्होंने कहा कि दो आंटियों ने तो ये तक कह दिया था कि तेरा कुछ नहीं हो सकता।
शोएब अख्तर ने कहा, ‘यह कहानी मेरे करियर के शुरुआती दिनों की है। मैं रावलपिंडी के लिए ट्रायल दे रहा था। मुझे बताया गया कि मैं बहुत आक्रामक हूं और एक क्रिकेटर के रूप में मेरी प्रतिभा पर संदेह जताया गया था। मैं सभी से पूछता था, ‘आप ऐसा क्यों कह रहे हैं?’ और मुझे बताया गया, ‘हमने ऐसा चमत्कार पहले कभी नहीं देखा।’ मैंने जवाब दिया, ‘अगर आपने इसे कभी होते नहीं देखा है, तो मैं इसे करके दिखाउंगा।’
शोएब अख्तर ने आगे कहा, ‘जब मैं अभ्यास के लिए जाता था तो मेरे मुहल्ले की दो औरतें मुझे लगातार ताना मारती थीं। वो अक्सर मुझसे पूछते थे कि मैं कहां जा रहा हूं। मैं जवाब देता था, ‘मैं स्टार बनने जा रहा हूं।’
शोएब अख्तर ने आगे कहा कि मुझे उस समय कहां ही पता था कि ये दो खाला (चाची) वास्तव में मुझे स्टार बनने में मदद कर रही थीं। वे हर दिन मेरा अपमान करती थीं और मुझे ताना देती थीं। वे मुझसे कहती थीं, ‘तेरा कुछ नहीं होना’ और मैं जवाब देता था, ‘थोड़ा इंतजार करें, मैं देश की अगली बड़ी चीज बनने वाला हूं।’
‘उन दोनों आंटी से मुझे डर लगता था’
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि मैं रोजाना करीब आठ मील दौड़ा करता थ, लेकिन मुझे उन दो आंटी से बहुत डर लगता था। मैं जब प्रैक्टिस के लिए घर से बाहर निकलता तो मुझे उनसे डर लगा करता था, लेकिन वे अक्सर कोने में खड़ी होती और मुझे पकड़ लेतीं। अख्तर ने बताया कि जब वह पाकिस्तान के लिए खेलने लगे तो वह उन दो महिलाओं से मिलने गए। अख्तर ने कहा, ‘तो मैं उन दो महिलाओं से मिलने गया। वे वहां खड़ी थीं। उन्होंने कहा, ‘हमने सुना है तू पाकिस्तानी टीम में चुन लिया गया है।’
मैंने उन्हें याद दिलाया,’मैं आपको कहता ही था कि मैं स्टार बनूंगा। आपको मुझ पर यकीन क्यों नहीं होता था,’ लेकिन इस पर उनका जवाब था, ‘देखते हैं तुम कब तक टीम में बने रहते हो।’ तब मैंने कहा, ‘मुझे पता नहीं कि आप लोग यह देखने के लिए होगा या नहीं लेकिन मैं एक बड़ा स्टार बनूंगा।’

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

मिनी भारत है भवानीपुर, यहीं से शुरू होगी दिल्ली की लड़ाई : ममता

कहा : निष्पक्ष चुनाव हुआ होता तो 30 सीट भी न जीत पाती भाजपा 6 महीने में विधायक बनना जरूरी, इसके बिना सीएम पद उचित नहीं लोगों आगे पढ़ें »

ऊपर