सिडनी में ताजा हुई ‘मंकीगेट प्रकरण’ की यादें

भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी, सीए ने माफी और आईसीसी ने रिपोर्ट मांगी

सिडनी : भारतीय क्रिकेटरों विशेषकर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में लगातार दूसरे दिन नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा जिसके कारण चौथे दिन का खेल कुछ समय के लिये रुका रहा, कुछ दर्शकों को बाहर किया गया और क्रिकेट जगत ने इसकी कड़ी भर्त्सना की। बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार सिराज के लिये ‘ब्राउन डॉग’ और ‘बिग मंकी’ कहा गया। नस्लीय टिप्पणी की घटनाओं ने 2007-08 के मंकीगेट कांड की यादों को भी ताजा कर दिया। मंकीगेट प्रकरण भी सिडनी टेस्ट के दौरान हुआ था जब एंड्रयू साइमंड्स ने दावा किया था कि हरभजन सिंह ने कई बार उनके प्रति नस्लीय टिप्पणी की। भारतीय आफ स्पिनर को हालांकि सुनवाई के दौरान इस मामले में पाक साफ करार दिया गया। सिराज के पिता का हाल में निधन हुआ था और वह अब भी गमजदा हैं। पहली बार ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गया यह 26 वर्षीय खिलाड़ी नियमों का पालन करते हुए तुरंत ही कप्तान अजिंक्य रहाणे और मैदानी अंपायरों के पास गया और उन्हें घटना से अवगत कराया। इससे खेल 10 मिनट तक रुका रहा। सुरक्षाकर्मियों को बुलाया गया जिन्होंने छह दर्शकों को स्टेडियम से बाहर कर दिया। इससे पहले शनिवार को नशे में धुत एक व्यक्ति ने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और सिराज के लिये अपशब्दों का उपयोग किया था। बीसीसीआई पहले ही आईसीसी के मैच रेफरी डेविड बून के पास इसकी शिकायत कर चुका है।

मामले में कड़ी कार्रवाई का आ‍‍श्वासन
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के इंटिग्रिटी एवं सुरक्षा प्रमुख सीन केरोल ने कहा कि सीरीज का मेजबान होने के नाते हम भारतीय क्रिकेट टीम में अपने मित्रों से माफी मांगते हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे। अगर आप नस्लीय अपशब्द का इस्तेमाल करते हो तो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में आपका स्वागत नहीं है। सीए को शनिवार को सिडनी क्रिकेट मैदान पर की गई शिकायत के मामले में आईसीसी की जांच के नतीजे का इंतजार है। केरोल कहा कि जिम्मेदार लोगों की पहचान होने के बाद सीए अपनी उत्पीड़न रोधी संहिता के तहत कड़े कदम उठाएगा जिसमें लंबे प्रतिबंध और न्यू साउथ वेल्स पुलिस के पास मामला भेजना भी शामिल है।

भेदभावपूर्ण हरकतें बर्दाश्त नहीं : बीसीसीआई
भारतीय बोर्ड की तरफ से बीसीसीआई सचिव जय शाह ने पहले आधिकारिक टिप्पणी की और कहा कि हमारे इस खेल और हमारे समाज में नस्लवाद के लिये कोई स्थान नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया कि मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों से बात की और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बीसीसीआई और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया दोनों एक साथ हैं। भेदभाव की ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शाह ने अपने ट्वीट में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को भी टैग किया जो एंजियोप्लास्टी करवाने के बाद उससे उबर रहे हैं। दुबई में आईसीसी ने भी बयान जारी करके इन घटनाओं की कड़ी निंदा की और सीए से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी।

घटना से शख्स की परवरिश का पता चलता है 
सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने पहले भी सिडनी में नस्लवाद का सामना किया है। यह ऑस्ट्रेलिया का मेरा चौथा दौरा है। खासकर सिडनी में हमें अतीत में भी इसका सामना करना पड़ा है। एक या दो बार खिलाड़ियों ने इस पर प्रतिक्रिया दी और वे मुश्किल में फंस गये क्योंकि वे खिलाड़ी हैं। लेकिन दर्शक जिस तरह की टिप्पणी कर रहे थे वह कहीं से सही नहीं था। मैंने खुद भी इसका सामना किया है। वे अपशब्दों का इस्तेमाल करते है। मुझे नहीं पता वे ऐसा क्यों करते हैं। इससे किसी शख्स की परवरिश का पता चलता है। वहीं ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर ने इस घटना पर निराशा व्यक्त करते हुए ऐसे व्यवहार को शर्मनाक करार दिया।

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